उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दसरू को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की, दिव्यांगजन सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए सरकार ने स्वतंत्र एवं सम्मानजनक जीवन के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।
रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को सामाजिक सरोकार को आगे बढ़ाते हुए दसरू नामक दिव्यांग नागरिक को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की। यह सौगात पाकर दसरू के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
ट्राइसाइकिल प्रदान करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी दैनिक जिंदगी को आसान करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल जैसे उपकरण दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ाते हैं और उन्हें अपने कार्यों को स्वतंत्र रूप से करने का आत्मविश्वास देते हैं।
दसरू ने मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्राप्त करने के बाद उपमुख्यमंत्री और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब उन्हें घर से बाहर आने-जाने, कामकाज करने और सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेने में काफी सुविधा होगी। दसरू के परिवार वालों ने भी इसे उनके लिए बड़ी राहत बताया।
कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने कहा कि दिव्यांगजनों की सहायता के लिए इस प्रकार की पहल बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि कई दिव्यांगजन आर्थिक समस्याओं के कारण सहायक उपकरण नहीं खरीद पाते, ऐसे में सरकारी सहयोग उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाता है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, पेंशन, रोजगार अवसर और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है और आगे भी ऐसी पहलें जारी रहेंगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिले में निवासरत अन्य जरूरतमंद दिव्यांगजनों की सूची तैयार कर उन्हें भी जल्द से जल्द लाभान्वित करें। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर ऐसी पहलें न केवल दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देती हैं। इससे अन्य लोग भी दिव्यांगजनों की मदद के लिए प्रेरित होते हैं।
उपमुख्यमंत्री के इस कदम को मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। दसरू को मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आएगा और वे अधिक स्वतंत्रता और आत्मविश्वास के साथ अपने कार्य कर सकेंगे।








