उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सुकमा की पहचान अब हिंसा नहीं, बल्कि विकास, शांति, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से बनेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि अब सुकमा जिले की पहचान हिंसा से नहीं, बल्कि विकास, शिक्षा और जनकल्याण से होगी। उन्होंने यह बात सुकमा जिले से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने क्षेत्र में शांति स्थापना और समग्र विकास को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि वर्षों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे सुकमा में अब परिवर्तन की बयार बह रही है। सरकार की नीतियों और सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों से क्षेत्र में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब शांति स्थापित होती है, तभी विकास के रास्ते खुलते हैं।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सुकमा में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क और संचार सुविधाएं पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
युवाओं के लिए अवसर
उन्होंने कहा कि सुकमा के युवाओं को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। युवाओं को शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर देकर उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित हो सके।
जनसंवाद और भरोसे की नीति
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार बल के साथ-साथ संवाद की नीति पर भी विश्वास करती है। जनसंवाद, जनचौपाल और प्रशासनिक पहुंच बढ़ाकर जनता का भरोसा जीतना आवश्यक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
नई पहचान की ओर सुकमा
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सुकमा को शिक्षा, खेल, कृषि और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। शासन का उद्देश्य है कि सुकमा का नाम अब विकास और संभावनाओं के रूप में जाना जाए।
उपमुख्यमंत्री के इस बयान को सुकमा और बस्तर अंचल के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में विकास और शांति को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।








