प्रसाद योजना अंतर्गत माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर डोंगरगढ़ का विकास कार्य पूर्ण, श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला बढ़ावा।
रायपुर। केंद्र सरकार की प्रसाद (PRASAD – Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual Augmentation Drive) योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर, डोंगरगढ़ में चल रही विकास परियोजना अब पूर्ण हो चुकी है। इस परियोजना के पूरा होने से श्रद्धालुओं को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिलने लगी हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिली है।
माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष नवरात्रि, चैत्र नवरात्रि और अन्य पर्वों के दौरान यहां लाखों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर को प्रसाद योजना के अंतर्गत शामिल किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का समग्र विकास कर श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाना है।
विकास परियोजना के तहत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित पैदल मार्ग, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता सुविधाएं, पेयजल व्यवस्था, विश्राम स्थल, शौचालय और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। इसके साथ ही मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों को भी अधिक सुगम और सुरक्षित बनाया गया है।
परियोजना पूर्ण होने के बाद अब दर्शन व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुचारु हो गई है। बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे सभी श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मां के दर्शन कर सकें। मंदिर परिसर में स्वच्छता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया है।
स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इस परियोजना को डोंगरगढ़ और पूरे राजनांदगांव जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि इस विकास कार्य से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर का विकास छत्तीसगढ़ को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाएगा। इससे होटल व्यवसाय, परिवहन, स्थानीय दुकानों और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
श्रद्धालुओं ने भी प्रसाद योजना के अंतर्गत किए गए विकास कार्यों की सराहना की है। उनका कहना है कि अब मंदिर परिसर अधिक स्वच्छ, सुंदर और सुविधाजनक हो गया है, जिससे दर्शन का अनुभव और भी आध्यात्मिक तथा सुखद बन गया है।
कुल मिलाकर, रायपुर से संचालित प्रसाद योजना के अंतर्गत माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर डोंगरगढ़ का विकास परियोजना पूर्ण होना छत्तीसगढ़ के धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इससे राज्य के पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।








