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छत्तीसगढ़

संविधान दिवस पर टाउन हॉल में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित

रायपुर टाउन हॉल में संविधान दिवस पर गरिमामय कार्यक्रम आयोजित, जिसमें वक्ताओं ने संवैधानिक मूल्यों पर जोर दिया और नागरिकों को प्रस्तावना वाचन के साथ जागरूकता संदेश दिया।

रायपुर। राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में मंगलवार को संविधान दिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संविधान की मूल भावना, उसके महत्व और नागरिकों की संवैधानिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मंच पर मौजूद वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के योगदान, उनके दूरदर्शी नेतृत्व और भारतीय संविधान के निर्माण में उनकी अहम भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि संविधान केवल शासन का ढांचा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की भावना को मजबूत करने वाला जीवन मूल्यों का दस्तावेज है।

टाउन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी शक्ति संविधान की मजबूत नींव में निहित है। वक्ताओं ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, बल्कि संविधान द्वारा निर्धारित कर्तव्यों को भी गंभीरता से निभाएं।

कार्यक्रम में छात्रों द्वारा संविधान पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनमें नाटक, गीत और भाषण शामिल थे। इन प्रस्तुतियों ने संविधान के निर्माण, स्वतंत्रता के बाद के संघर्ष और देश की लोकतांत्रिक यात्रा को दर्शाया। दर्शकों ने इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को इस प्रकार के आयोजनों से संविधान और लोकतंत्र के प्रति गहरी समझ मिलती है।

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संविधान दिवस के इस कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। उन्हें समाज सेवा, शिक्षा और जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। आयोजकों ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में समाज के हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है और ऐसे कार्यक्रम सामूहिक जागरूकता बढ़ाने में प्रभावी सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया। इस दौरान सभी ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की शपथ ली। आयोजकों ने बताया कि संविधान दिवस केवल एक औपचारिक अवसर नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की मूल आत्मा को याद करने और उसे मजबूत करने का दिन है।

टाउन हॉल में आयोजित यह कार्यक्रम संविधान की गरिमा को रेखांकित करने के साथ-साथ नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाने वाला प्रभावी आयोजन साबित हुआ। प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में संवैधानिक मूल्यों को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।


Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.