डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने रायपुर में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया और SC समुदाय के शिक्षा, रोजगार व सशक्तिकरण पर कार्य तेज़ करने की बात कही।
रायपुर। रायपुर में आज एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने औपचारिक रूप से अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण (SC Development Authority) के उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण समारोह में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा प्राधिकरण के कर्मचारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देने के लिए नई योजनाओं और सशक्तिकरण कार्यक्रमों पर जोर देने की बात कही।
पदभार ग्रहण समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने दी बधाई
समारोह में विभागीय अधिकारियों ने कोर्सेवाड़ा का स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव और समर्पण से प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आएगा।
अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण के सामने कई महत्वपूर्ण कार्य हैं, जिनमें—
- गरीब एवं वंचित परिवारों को सहायता
- शिक्षा एवं कौशल विकास
- आवास और सामाजिक सुरक्षा
- सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए उपाध्यक्ष इन क्षेत्रों में गति लाएँगे।
कोर्सेवाड़ा ने कहा—“सबसे कमजोर वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे”
पदभार ग्रहण करते ही श्री कोर्सेवाड़ा ने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय के सशक्तिकरण के लिए प्राधिकरण प्रतिबद्ध है।
उन्होंने स्पष्ट कहा—
- “हमारा लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।”
- “शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता पर जोर दिया जाएगा।”
- “कौशल विकास कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को नई दिशा देना और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना उनकी प्राथमिकता होगी।
SC समुदाय के लिए नई पहल की संभावनाएँ
नए उपाध्यक्ष ने संकेत दिया कि आने वाले महीनों में प्राधिकरण कई नई पहल शुरू कर सकता है—
- युवाओं के लिए विशेष स्कॉलरशिप
- स्वरोजगार के लिए आसान ऋण
- छात्रावास और प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार
- सामुदायिक भवन व कौशल विद्यालय
- तकनीकी और डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम
इन पहलों से समुदाय के जीवन स्तर में सुधार की संभावनाएँ बढ़ेंगी।
प्राधिकरण की वर्तमान योजनाओं की समीक्षा होगी
श्री कोर्सेवाड़ा ने कहा कि पहले चरण में वे—
- सभी चल रही योजनाओं
- बजट उपयोग
- प्राधिकरण की पहुंच
- जिलेवार प्रगति रिपोर्ट
का विस्तृत मूल्यांकन करेंगे।
इसके बाद जरूरत के अनुसार योजनाओं में सुधार और नए प्रोजेक्ट की शुरुआत की जाएगी।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में अनुसूचित जाति समुदाय अभी भी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।
इसलिए प्राधिकरण—
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- आवास
- उद्यमिता
- स्किल डेवलपमेंट
के क्षेत्र में कार्यों को और गति देगा।
उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ के SC समुदाय के हर युवा और हर महिला को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है।”
महिला सशक्तिकरण—कार्य योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा
श्री कोर्सेवाड़ा ने घोषणा की कि प्राधिकरण महिलाओं के लिए विशेष योजनाएँ शुरू करने पर भी विचार करेगा, जैसे—
- स्व-सहायता समूहों के लिए वित्तीय सहायता
- छोटे व्यवसाय की स्थापना
- प्रशिक्षण एवं रोजगार कनेक्टिविटी
- डिजिटल और तकनीकी कौशल प्रशिक्षण
उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता पूरे समुदाय के उत्थान का आधार है।
युवा वर्ग को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
उपाध्यक्ष ने कहा कि SC समुदाय के युवाओं प्रतिभा की कमी नहीं, परंतु अवसरों की कमी सबसे बड़ी चुनौती है।
इसलिए वे—
- करियर गाइडेंस कार्यक्रम
- प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग
- IT और टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग
- स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप
जैसी योजनाओं पर ध्यान देंगे।
उन्होंने कहा कि “युवा मजबूत होंगे तो समुदाय और राज्य दोनों मजबूत होंगे।”
अधिकारियों को दिए निर्देश—काम में तेजी और पारदर्शिता अनिवार्य
पदभार ग्रहण करते ही कोर्सेवाड़ा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि—
- सभी योजनाएँ समय पर लागू हों
- लाभार्थियों की सूची में पारदर्शिता रहे
- शिकायतों का त्वरित समाधान हो
- योजनाओं की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कोर्सेवाड़ा का उपाध्यक्ष बनना अनुसूचित जाति समुदाय के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
उनके पदभार से—
- नीति क्रियान्वयन में तेजी
- सामुदायिक विकास के नए अवसर
- युवाओं और महिलाओं को बेहतर समर्थन
- सरकारी योजनाओं की पहुँच में वृद्धि
जैसे लाभ देखने को मिलेंगे।








