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छत्तीसगढ़

हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी के परिणाम सुधार के लिए ठोस प्रयास करें : शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अधिकारियों और शिक्षकों को हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी परिणाम सुधारने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए, शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष जोर।

रायपुर । छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के परिणाम सुधारने के लिए ठोस और प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार ही विद्यार्थियों और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।

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शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष जोर

मंत्री यादव ने समीक्षा बैठक में कहा कि परीक्षा परिणाम किसी भी राज्य की शैक्षणिक स्थिति को दर्शाते हैं। यदि परिणाम संतोषजनक नहीं आते तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में भागीदारी पर पड़ता है। इसलिए यह आवश्यक है कि स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

शिक्षकों की भूमिका अहम

बैठक में मंत्री ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन, अनुशासन और नियमित अभ्यास की आवश्यकता है। शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहते हुए बच्चों की कमजोरियों की पहचान करनी चाहिए और उन्हें दूर करने पर विशेष प्रयास करने चाहिए।

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ठोस कदमों की रूपरेखा

मंत्री यादव ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि:

  • कक्षा 9वीं से ही छात्रों की निरंतर मूल्यांकन प्रणाली लागू की जाए।
  • बोर्ड परीक्षाओं से पहले विशेष रिमेडियल कक्षाएँ आयोजित की जाएं।
  • कमजोर विषयों की तैयारी के लिए अतिरिक्त शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
  • विद्यार्थियों को समय-समय पर मॉक टेस्ट दिलवाए जाएं।
  • ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाए।

डिजिटल और तकनीकी साधनों का उपयोग

उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा को डिजिटल साधनों से जोड़ना बेहद जरूरी है। ऑनलाइन कक्षाओं, ई-लर्निंग सामग्री और स्मार्ट क्लासरूम का उपयोग करके छात्रों को बेहतर शिक्षा दी जा सकती है।

विद्यार्थियों को प्रोत्साहन

मंत्री ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाना बेहद जरूरी है। शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया है कि पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य और प्रेरणा पर भी ध्यान दिया जाए। इसके लिए करियर काउंसलिंग और मोटिवेशनल सेशन आयोजित किए जाएंगे।

परिणाम सुधार के लिए सामूहिक प्रयास

मंत्री यादव ने कहा कि शिक्षा सुधार केवल शिक्षकों या अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें माता-पिता और समाज की भी समान भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के लिए सकारात्मक माहौल दें और उनकी प्रगति पर नजर रखें।

शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी

शिक्षा विभाग को कहा गया है कि वे हर जिले की शैक्षणिक स्थिति का नियमित मूल्यांकन करें और जिन जिलों का प्रदर्शन कमजोर है, वहां विशेष कार्य योजना लागू की जाए।

राज्य का विज़न

मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो। इसके लिए निरंतर सुधार और नई योजनाओं को लागू किया जा रहा है।

विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य स्तर पर इस तरह के ठोस प्रयास किए जाते हैं तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में निश्चित रूप से सुधार देखने को मिलेगा।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.