रायपुर में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम में राज्यपाल डेका ने कहा कि यह अभियान राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता और भारतीय पहचान का सशक्त प्रतीक है।
रायपुर । रायपुर में आयोजित ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के विशेष कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि यह अभियान भारत की सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय एकता और सामूहिक पहचान का सबसे सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी बहुलता, सहिष्णुता और एकजुटता में निहित है, और यह अभियान पूरे देश में आपसी समझ और सहयोग की भावना को मजबूत करता है।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, युवा संवाद, शैक्षणिक सहयोग और पारंपरिक कला–संगीत के माध्यम से देश की विविधता को जीवंत रूप से प्रदर्शित किया गया। राज्यपाल ने कहा कि यह अभियान भारत को “बहु-रंगी पर एक-विचार” वाले राष्ट्र के रूप में पहचान दिलाता है।
एक भारत श्रेष्ठ भारत—विविधता में एकता का उत्सव
राज्यपाल डेका ने कहा कि भारत जैसी विशाल सांस्कृतिक विरासत वाले देश में परस्पर संवाद, अनुभव साझा करना और सांस्कृतिक समझ बनाना अत्यंत आवश्यक है।
अभियान का उद्देश्य—
- विभिन्न राज्यों के बीच साहित्य, भाषा और संस्कृति का आदान-प्रदान
- युवाओं में राष्ट्रीय एकता की भावना
- देश के विभिन्न हिस्सों की परंपराओं को समझना
- शिक्षा और पर्यटन में सहयोग
है, जो समाज को एक मजबूत कड़ी से जोड़ता है।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की झलक—नृत्य, लोककला और पारंपरिक वेशभूषा
रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में—
- पंजाब का भांगड़ा
- गुजरात का गरबा
- असम का बिहू
- बस्तर का पारंपरिक नृत्य
- राजस्थान की लोकधुन
—जैसी प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया।
छात्रों और कलाकारों ने ‘विविधता में एकता’ का संदेश अनोखे अंदाज में पेश किया।
राज्यपाल का संबोधन—“सांस्कृतिक आदान-प्रदान से बढ़ती है राष्ट्रीय एकजुटता”
राज्यपाल डेका ने कहा—
“एक भारत श्रेष्ठ भारत केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जीवन का सशक्त प्रतीक है। यह अभियान हमें याद दिलाता है कि अलग-अलग भाषाओं, खानपान और संस्कृतियों के बावजूद हम एक राष्ट्र के रूप में अनोखे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि अभियान देश के युवाओं को यह सिखाता है कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है, और उसे समझकर ही हम एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
शिक्षा संस्थानों की बढ़ती भागीदारी
राज्यपाल ने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इस अभियान की गतिविधियों से—
- भाषाई आदान-प्रदान
- राज्य-जोड़ी कार्यक्रम
- सांस्कृतिक फेस्ट
- पाक कला प्रदर्शन
—बढ़े हैं।
उन्होंने खुशी व्यक्त की कि छत्तीसगढ़ के छात्रों ने देश के कई राज्यों की भाषाएँ, लोक-गीत और परंपराएँ सीखने में रुचि दिखाई है।
युवा संवाद—राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका
कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
राज्यपाल ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा—
“युवा ही देश के भविष्य के निर्माता हैं। राष्ट्रीय एकता का संदेश घर-घर तक पहुँचाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।”
छत्तीसगढ़ के कलाकारों और छात्रों ने जीता दिल
कार्यक्रम में बस्तर, सरगुजा, धमतरी और रायपुर के कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्य और संगीत प्रस्तुत किया।
खासकर बस्तर का गरियाबंद नृत्य और सरगुजा का सुआ नृत्य दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।
छात्रों ने विभिन्न राज्यों के स्टॉल लगाए जहाँ उन्होंने—
- भोजन
- भाषा
- परिधान
- परंपराएँ
—प्रस्तुत कीं।
राज्यपाल का संदेश—“एकता और सद्भाव ही भारत की पहचान”
अपने संबोधन में राज्यपाल डेका ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत, देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक समृद्धि का दर्पण है।
उन्होंने कहा कि बदलते समय में भी भारतीय समाज ने—
- परंपरा
- मूल्य
- एकता
—को बनाए रखा है, जो विश्व में हमें विशिष्ट बनाता है।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे विविधता वाले राज्य में इस अभियान का महत्वपूर्ण प्रभाव दिखाई दे रहा है।
समापन—एक नया सांस्कृतिक संगम, एक मजबूत राष्ट्रीय संदेश
रायपुर में आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत उत्सव साबित हुआ।
राज्यपाल श्री रमेन डेका के संदेश ने स्पष्ट किया कि “एक भारत श्रेष्ठ भारत” केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामूहिक भावना का सशक्त प्रतीक है।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भारत की विरासत, संस्कृति और परंपराओं का विस्तार तभी हो सकता है जब देश के लोग एक-दूसरे को समझें और सम्मान दें।








