धमतरी के पोटियाडीह गांव के किसान तोरण पटेल ने ऑनलाइन टोकन और त्वरित भुगतान से खेती में निवेश कर ट्रैक्टर खरीदा, जिससे उनकी खेती खुशहाल बनी।
धमतरी। आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किसानों की जिंदगी बदल रहा है। धमतरी जिले के पोटियाडीह गांव के किसान तोरण पटेल इसकी एक जीवंत मिसाल बनकर सामने आए हैं। ऑनलाइन टोकन प्रणाली से लेकर खेती के आधुनिकीकरण और ट्रैक्टर खरीद तक, उनकी खेती आज लाभकारी और खुशहाल बन चुकी है।
किसान तोरण पटेल पहले पारंपरिक तरीके से खेती करते थे। धान खरीदी के दौरान लंबी कतारें, बार-बार केंद्र के चक्कर और भुगतान में देरी जैसी समस्याएं आम थीं। ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू होने के बाद उनकी परेशानियां काफी हद तक दूर हो गईं। अब उन्हें घर बैठे टोकन मिल जाता है और तय समय पर उपार्जन केंद्र में धान बेचने की सुविधा मिलती है।
तोरण पटेल बताते हैं कि समय पर धान खरीदी और त्वरित भुगतान से उन्हें आर्थिक स्थिरता मिली। सरकार द्वारा सीधे बैंक खाते में राशि जमा होने से उन्होंने खेती में दोबारा निवेश करने का निर्णय लिया। इसी के चलते उन्होंने अपनी आय से ट्रैक्टर खरीदा, जिससे खेती का काम आसान और तेज हो गया है।
ट्रैक्टर मिलने से अब जुताई, बुवाई और अन्य कृषि कार्य समय पर पूरे हो जाते हैं। इससे मजदूरी खर्च में कमी आई है और उत्पादन क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई है। तोरण पटेल का कहना है कि पहले जिस काम में कई दिन लग जाते थे, वह अब कुछ घंटों में पूरा हो जाता है।
उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं और तकनीक का लाभ उठाकर वे अब उन्नत खेती की ओर बढ़ रहे हैं। आधुनिक कृषि यंत्रों के साथ-साथ बेहतर बीज और खाद का उपयोग कर वे फसल उत्पादन बढ़ा रहे हैं। इससे उनकी आमदनी में लगातार इजाफा हो रहा है।
किसान तोरण पटेल ने प्रशासन और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऑनलाइन टोकन जैसी व्यवस्था ने किसानों की गरिमा बढ़ाई है। अब उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है।
स्थानीय कृषि अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन टोकन और डिजिटल भुगतान प्रणाली से किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। इससे धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता आई है और किसानों का सरकार पर भरोसा मजबूत हुआ है।
तोरण पटेल की सफलता से गांव के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। कई किसान अब आधुनिक तकनीक अपनाने और खेती में निवेश करने की योजना बना रहे हैं। यह उदाहरण दिखाता है कि सही नीति और तकनीक से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है।








