LIVE बुधवार, 13 मई 2026
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छत्तीसगढ़

दीपावली से पहले गरियाबंद पुलिस का तोहफ़ा — साइबर सेल ने 60 गुम मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए, चेहरों पर लौटी मुस्कान

गरियाबंद पुलिस की साइबर सेल ने दीपावली से पहले 60 चोरी और गुम मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए, जिससे लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई।

गरियाबंद। दीपावली से पहले गरियाबंद पुलिस ने जिलेवासियों को एक अनोखा उपहार दिया है।
जिला साइबर सेल टीम ने अथक मेहनत और तकनीकी दक्षता के दम पर 60 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया।

इन मोबाइलों की वापसी ने न केवल लोगों की उम्मीदें वापस लौटा दीं, बल्कि दीपावली से पहले उनके घरों में खुशियों की रोशनी भी भर दी।


🔹 साइबर सेल की मेहनत से लौटी लोगों की मुस्कान

गरियाबंद पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चलाए गए इस विशेष अभियान में साइबर सेल टीम ने आधुनिक तकनीक और CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) का उपयोग किया।
गुमशुदा मोबाइलों के IMEI नंबर के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके बाद टीम ने 60 मोबाइल बरामद किए।

इन मोबाइलों में कई ऐसे फोन भी शामिल थे जो महीनों पहले गुम हुए थे।
मोबाइल लौटाए जाने पर लोगों ने खुशी और आभार जताते हुए कहा —

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“दीपावली से पहले गरियाबंद पुलिस ने हमारी उम्मीदों को नई रोशनी दी है। यह वास्तव में जनता के प्रति समर्पण की मिसाल है।”


🔹 क्या है CEIR पोर्टल?

भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया CEIR पोर्टल (https://ceir.gov.in) एक केंद्रीय डेटाबेस है जो मोबाइल के IMEI नंबर के माध्यम से चोरी या गुम मोबाइल की लोकेशन ट्रैक करता है।
जब कोई व्यक्ति गुम मोबाइल में नया सिम डालता है, तो सिस्टम स्वतः सक्रिय होकर लोकेशन और उपयोगकर्ता की जानकारी पुलिस तक पहुंचा देता है।

यह प्रणाली पूरे देश में सक्रिय है और पुलिस को डिजिटल अपराध रोकने में बड़ा सहारा प्रदान करती है।
गरियाबंद पुलिस ने इसी तकनीक का उपयोग कर बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद किए हैं।


🔹 पुलिस की पहल बनी उम्मीद की किरण

गरियाबंद पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने कहा —

“हमारी प्राथमिकता जनता का विश्वास और सुरक्षा है।
साइबर सेल की यह पहल इसी दिशा में एक कदम है।
आने वाले दिनों में यह अभियान और भी व्यापक रूप में चलाया जाएगा ताकि जिले का हर नागरिक अपने गुम मोबाइल से वंचित न रहे।”

साइबर सेल प्रभारी अधिकारी ने बताया कि कई मामलों में मोबाइल राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर ट्रेस हुए, जिन्हें तकनीकी सहायता से बरामद कर मालिकों को सौंपा गया।


🔹 मोबाइल वापस पाकर झलकी खुशी

जिन नागरिकों को अपने मोबाइल वापस मिले, उनके चेहरे पर मुस्कान और आंखों में राहत साफ दिखी।
कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन कभी लौटेगा।

मालिकों ने गरियाबंद पुलिस की इस तकनीकी पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करेगा।

एक महिला उपभोक्ता ने कहा —

“मैंने तीन महीने पहले शिकायत दर्ज कराई थी।
आज जब पुलिस ने मेरा मोबाइल लौटाया, तो लगा कि कानून व्यवस्था अब सचमुच आम लोगों के साथ है।”


🔹 शिकायत प्रक्रिया हुई आसान

गरियाबंद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अगर उनका मोबाइल गुम या चोरी हो जाए, तो तुरंत नज़दीकी थाना या साइबर सेल गरियाबंद में सूचना दें।
शिकायत दर्ज कराते समय नीचे दी गई जानकारियाँ साथ लाना जरूरी है —

  1. मोबाइल नंबर और IMEI नंबर
  2. डिवाइस का ब्रांड और मॉडल
  3. मोबाइल की खरीद रसीद, खोने का स्थान व तारीख
  4. मोबाइल स्वामी का नाम, पता और पहचान पत्र (आधार आदि)

यह जानकारी मिलने के बाद साइबर टीम मोबाइल को ट्रैक करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर देती है।


🔹 तकनीक और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण

इस पूरी कार्रवाई में गरियाबंद साइबर सेल टीम ने आधुनिक तकनीकी उपकरणों और डाटा विश्लेषण प्रणाली का उपयोग किया।
टीम ने विभिन्न मोबाइल नेटवर्क कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर IMEI आधारित लोकेशन ट्रैकिंग की।

पुलिस के अनुसार, कुछ मोबाइल्स अन्य जिलों और राज्यों में सक्रिय पाए गए थे, जिन्हें स्थानीय पुलिस की मदद से बरामद किया गया।
यह प्रयास दर्शाता है कि अब डिजिटल युग में अपराधियों के लिए छिपना आसान नहीं रहा।


🔹 जनता और पुलिस के बीच बढ़ा विश्वास

इस पहल के बाद गरियाबंद जिले में नागरिकों और पुलिस के बीच संबंध और अधिक मजबूत हुए हैं।
लोग अब साइबर अपराध या गुमशुदा मोबाइल की शिकायत दर्ज कराने में संकोच नहीं कर रहे।

एसपी निखिल राखेचा ने कहा —

“हम चाहते हैं कि जनता पुलिस को अपने मित्र के रूप में देखे।
अगर कोई समस्या या शिकायत है, तो बिना झिझक हमारे पास आए।
तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से हम हर व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”


🔹 दीपावली से पहले खुशियों की वापसी

दीपावली से ठीक पहले जब लोगों को उनके मोबाइल वापस मिले, तो खुशी और उल्लास का माहौल बन गया।
कई परिवारों ने कहा कि यह दीपावली उनके लिए दोगुनी खुशी लेकर आई है।

यह घटना केवल मोबाइल लौटाने तक सीमित नहीं, बल्कि यह जनता को यह संदेश देती है कि कानून व्यवस्था अब नागरिक केंद्रित और संवेदनशील हो चुकी है।


🔹 भविष्य की योजना

गरियाबंद पुलिस अब “नो लॉस्ट मोबाइल मिशन” के तहत जिले में डिजिटल जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है।
इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर लोगों को बताया जाएगा कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर साइबर सेल से कैसे संपर्क करें और CEIR पोर्टल का उपयोग कैसे करें।

इससे न केवल मोबाइल बरामदगी में तेजी आएगी, बल्कि साइबर अपराधों पर नियंत्रण भी मजबूत होगा।


🔹 निष्कर्ष

गरियाबंद पुलिस की यह पहल केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सेवा भावना का प्रतीक है।
दीपावली से पहले लौटे इन 60 मोबाइलों ने यह साबित कर दिया है कि जब नीयत साफ हो और तकनीक का सही उपयोग किया जाए, तो कोई भी समस्या असंभव नहीं रहती।

गरियाबंद पुलिस का यह प्रयास न केवल डिजिटल सुरक्षा की दिशा में कदम है, बल्कि जनता के दिलों में भरोसे की एक नई लौ भी जला गया है।

इस दीपावली, जब घर-घर में दीप जलेंगे, तब कई परिवारों के चेहरों पर साइबर सेल की मेहनत से लौटी मुस्कान भी चमकेगी —
यही है सच्चे अर्थों में “दीपावली की रौनक।”

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.