रायपुर में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा पर जोर देते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण और उनके संरक्षण की आवश्यकता बताई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जल संरक्षण के कार्यों को और अधिक गति दी जाए तथा अधिक से अधिक पेड़ लगाकर उनका संरक्षण किया जाए।
राज्यपाल ने कहा कि जल और पर्यावरण मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यदि प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग नहीं किया गया, तो आने वाले समय में जल संकट और पर्यावरणीय समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं। इसलिए समय रहते जागरूकता और ठोस प्रयास करना जरूरी है।
जल संरक्षण की आवश्यकता
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में जल संकट की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। ऐसे में जल संरक्षण के उपायों को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है।
उन्होंने बताया कि वर्षा जल संचयन, तालाबों और जलस्रोतों का संरक्षण, तथा पारंपरिक जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करना जल संरक्षण के प्रभावी उपाय हो सकते हैं। यदि समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करें, तो जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
वृक्षारोपण से मिलेगा पर्यावरण संतुलन
राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में वृक्षारोपण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पेड़ न केवल वातावरण को शुद्ध बनाते हैं, बल्कि जल संरक्षण में भी सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पेड़ लगाने के साथ-साथ उनका संरक्षण करना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई बार लोग वृक्षारोपण तो कर देते हैं, लेकिन उनकी देखभाल नहीं करते। ऐसे में लगाए गए पौधे जीवित नहीं रह पाते। इसलिए हर व्यक्ति को पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए।
सामूहिक प्रयासों की जरूरत
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि जल और पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि हर नागरिक इस दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाए, तो बड़ा बदलाव संभव है।
उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं से भी अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। युवाओं को इस दिशा में प्रेरित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि आने वाली पीढ़ी को ही इस धरती और इसके संसाधनों की रक्षा करनी है।
पर्यावरण संरक्षण से सुरक्षित भविष्य
राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी आवश्यक है। यदि अभी से प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रयास किए जाएं, तो भविष्य में जल संकट और पर्यावरणीय समस्याओं से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें जल, जंगल और जमीन जैसे अनमोल संसाधन दिए हैं। इनका संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। राज्यपाल ने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और जल बचाने की आदत विकसित करें।
जनजागरूकता से संभव होगा बदलाव
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। जब तक लोग इस विषय की गंभीरता को नहीं समझेंगे, तब तक प्रभावी परिणाम प्राप्त करना कठिन होगा।
उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास और जागरूकता के माध्यम से ही जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। यदि हर व्यक्ति इस दिशा में योगदान दे, तो आने वाले समय में एक स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
राज्यपाल का यह संदेश समाज को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देता है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण की रक्षा करना आज की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।








