मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सशक्त माध्यम बन रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रदेश में आयोजित सुशासन तिहार किसानों के लिए उम्मीदों का नया आधार बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ सुशासन तिहार के दौरान अधिकारी और कर्मचारी सीधे गांवों में पहुंचकर किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं तथा उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों की सिंचाई, राजस्व, भूमि अभिलेख, कृषि सहायता, फसल, बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायत निवारण अभियान नहीं, बल्कि जनसंवाद और जनभागीदारी का प्रभावी मंच है। इस अभियान के माध्यम से शासन सीधे लोगों तक पहुंच रहा है और उनकी वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप निर्णय लिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। कृषि उत्पादन बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना के विकास और किसान हितैषी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सरल और जनकेंद्रित बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों और किसानों को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुशासन तिहार आने वाले समय में प्रदेश के ग्रामीण विकास, कृषि उन्नति और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे किसानों का विश्वास और मजबूत होगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति मिलेगी।




