रायपुर में राज्यपाल डेका ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता से संवेदनशीलता, सम्मान और सहयोगपूर्ण व्यवहार करें तथा जनसुरक्षा और विश्वास बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल श्रीमती अनुसुइया उइके डेका (राज्यपाल डेका) ने कानून–व्यवस्था, जनसुरक्षा और पुलिसिंग की गुणवत्ता को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि “आम जनता के साथ पुलिस सदैव संवेदनशीलता, विनम्रता और मानवीय दृष्टिकोण से व्यवहार करे।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिस–प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास, पारदर्शिता और जनसहभागिता को और मजबूत किया जाए।
राज्यपाल डेका ने यह संदेश राजधानी रायपुर में आयोजित एक विशेष समीक्षा बैठक के दौरान दिया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता की सुरक्षा, सहायता और भरोसा कायम रखना है, न कि केवल कानून का कड़ाई से पालन कराना।
जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत
राज्यपाल ने कहा कि किसी भी राज्य की व्यवस्था तब मजबूत होती है, जब जनता अपनी पुलिस पर पूर्ण विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि आम नागरिक निडर होकर अपनी समस्याएँ पुलिस के समक्ष रख सके।
“पुलिस की भूमिका समाज में सुरक्षा, सहयोग और संवेदनशीलता की है। जनता को यह महसूस होना चाहिए कि पुलिस उनकी मित्र है,” उन्होंने अपने संबोधन में कहा।
संवेदनशील पुलिसिंग की आवश्यकता
राज्यपाल डेका ने कहा कि आज के समय में पुलिसिंग केवल अपराध रोकने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक नेतृत्व का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़ी शिकायतों में विशेष संवेदनशीलता अपनाई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि थानों में आने वाले लोगों के साथ व्यवहार में सुधार लाने के लिए काउंसलिंग, हेल्पडेस्क और शिकायत समाधान तंत्र को और सुदृढ़ किया जाए।
अपराध रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग
राज्यपाल ने पुलिस को आधुनिक तकनीक, डिजिटल निगरानी, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों की गतिविधियों पर नज़र रखने, त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी जांच के लिए तकनीकी साधन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने साइबर अपराधों में बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके लिए विशेष प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान और साइबर सेल को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान
राज्यपाल डेका ने महिला सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राज्य में महिला हेल्पलाइन, पुलिस पेट्रोलिंग, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और महिला–सेल को और सक्रिय बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि हर महिला को यह महसूस होना चाहिए कि राज्य पुलिस उसके साथ खड़ी है। थानों में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने और महिला–संबंधी मामलों को प्राथमिकता देने पर भी बात हुई।
पुलिस–जन संवाद को बढ़ाने की पहल
राज्यपाल ने सुझाव दिया कि पुलिस–जन संवाद को बढ़ावा देने के लिए नियमित बैठकें, जागरूकता अभियान, स्कूल–कॉलेजों में सुरक्षा कार्यक्रम, नशामुक्ति अभियान और सामुदायिक सहभागिता पर जोर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग से अपराध कम होते हैं और पुलिस का सकारात्मक चेहरा सामने आता है।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान राज्यपाल डेका ने अधिकारियों से कानून–व्यवस्था, अपराध दर, लंबित मामलों, महिला सुरक्षा और सामाजिक अपराधों के बारे में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है।
पुलिस अधिकारियों ने उन्हें विभिन्न जिलों में चल रहे विशेष अभियानों, तकनीक–आधारित पुलिसिंग और जनता से जुड़ी नई पहल की जानकारी दी।
राज्यपाल का संदेश – संवेदनशील और उत्तरदायी पुलिसिंग ही सुशासन का आधार
राज्यपाल डेका ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में सुशासन तभी स्थापित होता है जब पुलिस नागरिकों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस को अपने सकारात्मक और संवेदनशील छवि को और मजबूत करना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रमों में व्यवहार प्रशिक्षण, मनोवैज्ञानिक परामर्श, संवेदनशीलता, तनाव प्रबंधन और संचार कौशल को अधिक महत्व दिया जाए।
कार्यक्रम का समापन
बैठक सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण में संपन्न हुई। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि पुलिस और प्रशासन मिलकर राज्य को और अधिक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और संवेदनशील बना सकेंगे।








