राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होते हैं, उनका योगदान समाज में प्रेरक है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने शिक्षक दिवस और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को लेकर कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं होते, बल्कि अपने विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और रोल मॉडल भी होते हैं। उनका कहना है कि शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों और समाज में जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राज्यपाल श्री डेका ने यह विचार हाल ही में राज्यभर के शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों से बातचीत के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षक का महत्व केवल कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका प्रभाव पूरे जीवन पर पड़ता है।
शिक्षक दिवस का महत्व
5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक समुदाय के योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक दिवस न केवल शिक्षक को सम्मानित करने का अवसर है, बल्कि यह विद्यार्थियों और समाज को शिक्षकों की भूमिका याद दिलाने का भी दिन है।
राज्यपाल का संदेश
राज्यपाल श्री डेका ने कहा, “शिक्षक अपने विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होते हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और नैतिक मूल्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में परिलक्षित होते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को सिर्फ पाठ्यक्रम के ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों से निपटने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए भी तैयार करते हैं।
शिक्षक का सामाजिक और नैतिक योगदान
राज्यपाल ने बताया कि शिक्षक समाज का आधार स्तंभ होते हैं। वे बच्चों को न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक, नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों से भी परिचित कराते हैं। शिक्षक समाज में सुधार और सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक केवल शिक्षक नहीं, बल्कि मार्गदर्शक, मेंटर और प्रेरक होते हैं। उनकी आदर्श बातें और व्यवहार विद्यार्थियों के जीवन में गहरा असर डालते हैं।
राज्य सरकार की पहल और शिक्षक सम्मान
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं में शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा, स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और छात्र कल्याण योजनाएं शामिल हैं।
राज्यपाल ने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहें और विद्यार्थियों को जीवन में उत्कृष्टता और नैतिक मूल्यों की दिशा में मार्गदर्शन दें।
शिक्षकों के लिए प्रेरक बातें
राज्यपाल ने शिक्षकों से कहा कि उनका पेशा केवल नौकरी नहीं, बल्कि एक मिशन है। शिक्षक के व्यवहार, आदर्श और मार्गदर्शन से विद्यार्थी सीखते हैं कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के सपनों को आकार देने वाले होते हैं। शिक्षा केवल पुस्तकें पढ़ने का नाम नहीं है, बल्कि यह जीवन की चुनौतियों को समझने और उनसे निपटने का मार्ग है।
शिक्षक और युवा पीढ़ी का संबंध
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध केवल शैक्षिक नहीं होता। शिक्षक विद्यार्थियों के मनोबल, नैतिक मूल्य और व्यक्तिगत विकास में भी मार्गदर्शन करते हैं। शिक्षक की भूमिका युवाओं को राष्ट्र और समाज के प्रति जागरूक नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक की भूमिका समय के साथ बदल रही है। आज के डिजिटल युग में शिक्षक को तकनीकी उपकरणों और नवाचारों का प्रयोग कर विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का अवसर देना चाहिए।
निष्कर्ष
राज्यपाल श्री रमेन डेका का यह संदेश स्पष्ट करता है कि शिक्षक केवल ज्ञान के वाहक नहीं हैं, बल्कि वे अपने विद्यार्थियों के जीवन में मार्गदर्शक, प्रेरक और रोल मॉडल होते हैं। उनका आदर्श व्यवहार, शिक्षा का प्रति समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शिक्षक दिवस पर राज्यपाल का यह संदेश शिक्षकों के लिए प्रोत्साहन और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह याद दिलाता है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की दिशा और मूल्य तय करने में सहायक होती है।








