LIVE गुरुवार, 14 मई 2026
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छत्तीसगढ़

राज्यपाल रमेन डेका ने कोरिया जिले में स्पेस एजुकेशन लैब का किया लोकार्पण, बच्चों में जागी अंतरिक्ष विज्ञान की नई ऊर्जा

राज्यपाल रमेन डेका ने कोरिया जिले में स्पेस एजुकेशन लैब का लोकार्पण किया। इस पहल से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में मिलेगा नया अनुभव।

कोरिया। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कोरिया जिले के एक शासकीय विद्यालय में अत्याधुनिक स्पेस एजुकेशन लैब (Space Education Lab) का लोकार्पण किया।
यह लैब प्रदेश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि “बच्चों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा जगाने के लिए इस प्रकार की प्रयोगशालाएं आवश्यक हैं। यह उन्हें नई खोजों और नवाचार की दिशा में प्रेरित करेंगी।”


🌌 बच्चों को मिलेगा अंतरिक्ष विज्ञान का व्यावहारिक अनुभव

यह स्पेस एजुकेशन लैब अत्याधुनिक उपकरणों और सिमुलेशन मॉडल्स से सुसज्जित है, जिसमें विद्यार्थी सौरमंडल, उपग्रह, रॉकेट प्रक्षेपण और ग्रहों की गति जैसे विषयों का व्यावहारिक अध्ययन कर सकेंगे।

लैब में बच्चों को ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) की कार्यप्रणाली, उपग्रह निर्माण की प्रक्रिया, और अंतरिक्ष मिशनों की तकनीक को समझने का अवसर मिलेगा।

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राज्यपाल ने कहा कि “यह पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करेगी और भविष्य में अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने के सपनों को नई दिशा देगी।”


🧑‍🚀 राज्यपाल रमेन डेका का संबोधन

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने अपने संबोधन में कहा कि —

“21वीं सदी ज्ञान और नवाचार की सदी है। हमारे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रयोगशालाओं में जाकर विज्ञान को समझना चाहिए। कोरिया जिले की यह स्पेस एजुकेशन लैब भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी।”

उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को प्रयोगशाला में व्यावहारिक रूप से सीखने के लिए प्रेरित करें और वैज्ञानिक सोच विकसित करने की दिशा में प्रयासरत रहें।


🛰️ स्पेस लैब की विशेषताएं

इस प्रयोगशाला में निम्न सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं:

  1. 3D मॉडल्स और सिमुलेशन सिस्टम – ग्रहों की गति और रॉकेट लॉन्चिंग का प्रत्यक्ष अनुभव।
  2. डिजिटल स्क्रीन और इंटरैक्टिव डिस्प्ले – सौर मंडल, उपग्रह, ब्लैक होल और कॉस्मिक घटनाओं की विजुअल स्टडी।
  3. ISRO मिशन डेटा – विद्यार्थियों के लिए भारत के अंतरिक्ष अभियानों की जानकारी।
  4. रिसर्च कॉर्नर – छात्रों के लिए प्रोजेक्ट निर्माण और मॉडल प्रदर्शन की सुविधा।

🏫 विद्यालय और शिक्षा विभाग की भूमिका

कोरिया जिले के शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन ने इस लैब की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, “इस प्रयोगशाला का उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ना है।”

यह लैब मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान और STEM शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत स्थापित की गई है।


🌠 बच्चों में दिखा उत्साह और जिज्ञासा

लोकार्पण के अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों ने मॉडल्स और सिमुलेशन के माध्यम से अंतरिक्ष विज्ञान के विविध पहलुओं को समझा।
कई बच्चों ने कहा कि अब वे अंतरिक्ष वैज्ञानिक या खगोलशास्त्री बनने का सपना देख रहे हैं।

कक्षा 10 की छात्रा रश्मि ने कहा —

“पहले हमने सौरमंडल सिर्फ किताबों में देखा था, लेकिन अब हम इसे अपनी आंखों से अनुभव कर पा रहे हैं। यह लैब हमारे लिए प्रेरणास्रोत है।”


🪐 छत्तीसगढ़ में वैज्ञानिक शिक्षा का विस्तार

पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए कई पहलें की हैं।
इनमें डिजिटल क्लासरूम, रोबोटिक्स लैब, साइंस फेयर और अब स्पेस एजुकेशन लैब जैसी योजनाएं शामिल हैं।

राज्यपाल ने कहा कि आने वाले समय में हर जिले में ऐसी लैब स्थापित करने की योजना है ताकि प्रदेश के बच्चे भी NASA और ISRO के वैज्ञानिकों की तरह बड़े सपने देख सकें।


💡 शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रस्तावित

राज्यपाल ने इस अवसर पर शिक्षकों के लिए स्पेस एजुकेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की, ताकि वे विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से अंतरिक्ष और विज्ञान के सिद्धांत सिखा सकें।

उन्होंने कहा कि “जब शिक्षक खुद प्रशिक्षित होंगे, तो विद्यार्थियों में जिज्ञासा और नवाचार की भावना स्वतः विकसित होगी।”


🌏 समाज और शिक्षा के बीच सेतु बनेगी यह पहल

स्पेस एजुकेशन लैब केवल एक प्रयोगशाला नहीं बल्कि समाज और विज्ञान के बीच एक सेतु है।
इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी तकनीकी ज्ञान और वैज्ञानिक शोध के महत्व को समझ सकेंगे।

राज्यपाल ने कहा कि “ज्ञान तभी सार्थक है जब वह व्यवहारिक हो। यह प्रयोगशाला बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास दोनों विकसित करेगी।”


🔍 निष्कर्ष

राज्यपाल रमेन डेका द्वारा कोरिया जिले में स्पेस एजुकेशन लैब का लोकार्पण छत्तीसगढ़ में शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
यह पहल बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें सोचने, प्रयोग करने और खोज करने के लिए प्रेरित करेगी।

राज्य सरकार का यह कदम प्रदेश में वैज्ञानिक शिक्षा को नई दिशा देगा और आने वाली पीढ़ी को भारत के अंतरिक्ष मिशनों का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करेगा।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.