राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, स्वस्थ संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त उदाहरण है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, स्वस्थ संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि विधानसभा केवल कानून निर्माण का मंच नहीं, बल्कि जनभावनाओं को अभिव्यक्त करने और लोकतंत्र को सशक्त बनाने का सर्वोच्च संस्थान है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की सफलता सदन की गरिमा, स्वस्थ संवाद और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। छत्तीसगढ़ विधानसभा ने समय-समय पर सार्थक चर्चा, सकारात्मक सहयोग और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श के माध्यम से एक आदर्श कार्य संस्कृति विकसित की है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की रचनात्मक भूमिका लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करती है। स्वस्थ संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक बहस और विचार-विमर्श लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि संविधान की भावना के अनुरूप सभी जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरें और सदन की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए अनुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा की भावना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने अपने कार्य संचालन, अनुशासन और सकारात्मक संसदीय व्यवहार के माध्यम से देश की अन्य विधानसभाओं के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। यहां जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ चर्चा की जाती है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूती मिलती है।
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी छत्तीसगढ़ विधानसभा उत्कृष्ट कार्य संस्कृति और स्वस्थ संसदीय परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए लोकतंत्र की मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करते हुए प्रदेश के विकास और सुशासन को नई दिशा देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता के विश्वास में निहित होती है और यह विश्वास तभी मजबूत होता है, जब जनप्रतिनिधि संविधान की भावना के अनुरूप ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।




