राज्यपाल श्री डेका ने वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके राष्ट्र सेवा, त्याग और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को याद किया।
रायपुर। महान स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रवादी विचारक वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री डेका ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। राज्यपाल ने कहा कि वीर सावरकर का जीवन राष्ट्र सेवा, साहस और त्याग का प्रतीक रहा है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों को नई दिशा दी।
राज्यपाल श्री डेका ने अपने संदेश में कहा कि सावरकर ने भारत की स्वतंत्रता के लिए कठिन संघर्ष किया और समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचारों और लेखन ने देशभक्ति की भावना को मजबूत किया और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की स्मृति हमें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करती है।
उन्होंने कहा कि वीर सावरकर का जीवन संघर्ष और आत्मविश्वास का उदाहरण है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने विचारों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।
इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी वीर सावरकर को श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। इतिहासकारों का मानना है कि सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण अध्याय का हिस्सा रहे हैं और उनके विचार आज भी प्रासंगिक माने जाते हैं।
राजभवन की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करना और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। राज्यपाल ने कहा कि नई पीढ़ी को इतिहास और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महापुरुषों के बारे में जानकारी देना बेहद जरूरी है, ताकि वे देश के प्रति अपने दायित्व को समझ सकें।
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम समाज में ऐतिहासिक चेतना और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। राज्यपाल ने कहा कि वीर सावरकर के विचार आत्मनिर्भरता और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हैं, जिसे अपनाकर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल श्री डेका ने वीर सावरकर के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान भी किया।








