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छत्तीसगढ़

राजिम में यादव समाज द्वारा भव्य गीता जयंती महोत्सव का आयोजन, अध्यात्म और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम

राजिम में यादव समाज द्वारा भव्य गीता जयंती महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें शोभायात्रा, भजन-संध्या, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आध्यात्मिकता और एकता का माहौल बना।

रायपुर। रायपुर जिले के धार्मिक नगर राजिम में यादव समाज द्वारा इस वर्ष भव्य और गरिमामयी गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया।
महोत्सव में बड़ी संख्या में समाजजन, संत-महात्मा, नगरवासी, श्रद्धालु और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। कार्यक्रम आध्यात्मिकता, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर पूरे राजिम में उत्सव जैसा माहौल लेकर आया।

महोत्सव में गीता प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान, भजन-संध्या, शोभायात्रा और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं ने गीता के अध्यात्म, कर्मयोग और ज्ञानयोग के संदेश को समाज तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वक्ताओं ने कहा—

“श्रीमद्भगवद्गीता मानव जीवन के हर चरण के लिए मार्गदर्शन देने वाला अद्वितीय ग्रंथ है, जो हमें कर्तव्य, सत्य और धैर्य की शिक्षा देता है।”

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शास्त्रों के विशेषज्ञ विद्वानों ने गीता के विभिन्न अध्यायों पर व्याख्यान दिया और बताया कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन का व्यवहारिक मार्गदर्शक है।


पारंपरिक शोभायात्रा ने आकर्षित किए सभी के मन

महोत्सव का मुख्य आकर्षण पारंपरिक शोभायात्रा रही।
शोभायात्रा में—

  • कृष्ण की झांकी
  • गीता के संदेशों पर आधारित झांकियाँ
  • पारंपरिक नृत्य दल
  • शंख-ध्वनि
  • ढोल-नगाड़े
  • सांस्कृतिक प्रस्तुति

ने नगरवासियों का मन मोह लिया।
इस शोभायात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए और पूरे शहर में आध्यात्मिक उत्साह दिखाई दिया।


यादव समाज की एकजुटता और संगठन का अद्भुत प्रदर्शन

महोत्सव के आयोजन में यादव समाज के युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ सदस्यों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान—

  • सामूहिक सहयोग
  • संगठन की एकता
  • सांस्कृतिक संरक्षण
  • समाज सेवा

जैसे मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला।


भजन-संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

भजन-संध्या में स्थानीय कलाकारों और समाज के भजन मंडलियों ने श्रीकृष्ण भक्ति से भरे भजन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में—

  • भक्ति गीत
  • रामधुन
  • कृष्ण लीला आधारित नृत्य
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।


युवाओं को दी गई ज्ञान और संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा

महोत्सव में युवाओं के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें—

  • भारतीय संस्कृति
  • गीता के जीवन मूल्यों
  • सामाजिक नैतिकता
  • नशामुक्ति
  • सेवा कार्य

के प्रति जागरूक किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को गीता से जीवन प्रबंधन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच सीखनी चाहिए।


महिलाओं की सहभागिता रही महत्वपूर्ण

यादव समाज से जुड़ी महिलाओं ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई—

  • प्रसाद वितरण
  • सजावट
  • स्वागत व्यवस्था
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
  • भजन मंडली

ने पूरे माहौल को भक्ति और सौहार्द से भर दिया।


सामाजिक संदेशों का भी प्रसार

गीता जयंती महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कई सामाजिक संदेश भी दिए गए—

  • स्वच्छता का महत्व
  • पर्यावरण संरक्षण
  • बेटी शिक्षा
  • समाज में एकता
  • नशामुक्ति संदेश

इन विषयों पर सभा और जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं।


अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी दी शुभकामनाएँ

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों और सामाजिक नेताओं ने यादव समाज के आयोजन की सराहना की और गीता के संदेशों को समाज में आगे बढ़ाने का आग्रह किया।


राजिम में गूँज उठा गीता का दिव्य संदेश

पूरे महोत्सव के दौरान वातावरण—

  • “कर्मण्येवाधिकारस्ते…”
  • “योगः कर्मसु कौशलम्…”
  • “श्रद्धावाँल्लभते ज्ञानम्…”

जैसे श्लोकों की पवित्र ध्वनि से गूंजता रहा।
शाम को आरती और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.