ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और रोजगार योजनाओं के जरिए लाखों श्रमिक परिवारों को नई मजबूती प्रदान की।
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ ने श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य सरकार ने संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, बेहतर कार्य परिस्थितियां और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।

राज्य सरकार का उद्देश्य केवल श्रमिकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन, सुरक्षित कार्य वातावरण और आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान करना है। इसी सोच के तहत श्रमिक पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ाया गया है।
निर्माण श्रमिकों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, महिला श्रमिकों और प्रवासी श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, मातृत्व सहायता, छात्रवृत्ति, बीमा और आर्थिक सहायता जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन आवेदन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है।
श्रम विभाग द्वारा कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे युवाओं और श्रमिकों को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए गए हैं। इससे प्रदेश में रोजगार सृजन के नए अवसर विकसित हुए हैं और श्रमिकों की आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कई अवसरों पर कहा है कि श्रमिक राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसी भावना के अनुरूप श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, कार्यस्थल पर सुविधाओं में सुधार तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले ढाई वर्षों में श्रमिक हितों को केंद्र में रखकर बनाई गई नीतियों ने छत्तीसगढ़ को श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है। सरकार की इन पहलों से लाखों श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आया है तथा उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिला है। आने वाले समय में इन योजनाओं के और विस्तार से प्रदेश के श्रमिकों को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।





