मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान शुरू कर बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति में बेटियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है, ताकि प्रत्येक बेटी अपने सपनों को साकार कर सके। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हुए कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का व्यापक जनआंदोलन है। इस अभियान के माध्यम से कन्या शिक्षा, बालिका सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही समाज में लैंगिक समानता और महिला सम्मान का संदेश भी व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। शिक्षा, स्वरोजगार, पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी परिवार, समाज और राज्य का समग्र विकास संभव होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं से इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार अपनी बेटी पर गर्व करे और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे। समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने से ही महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अभियान का स्वागत करते हुए इसे बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ बालिकाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




