मुख्यमंत्री साय ने होली को खुशियों और सामाजिक जुड़ाव का पर्व बताया, किसानों की समृद्धि से प्रदेश में बढ़े उत्साह की बात कही।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने होली पर्व को खुशियों, आपसी जुड़ाव और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष किसानों की समृद्धि और आर्थिक सुदृढ़ता के कारण होली का उत्साह और अधिक बढ़ा है। ग्रामीण अंचलों में सकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने और समाज में भाईचारा बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि और समय पर आर्थिक सहायता मिलने से गांवों में खुशहाली आई है, जिसका असर त्योहार की रौनक में भी दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास राज्य की प्राथमिकता है। किसानों की समृद्धि से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। हाल के महीनों में किसानों के हित में किए गए प्रयासों और योजनाओं का लाभ सीधे उनके जीवन स्तर में सुधार के रूप में दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे होली का पर्व प्रेम, सद्भाव और शांति के साथ मनाएं। प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें, जल संरक्षण का ध्यान रखें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के चेहरों पर उत्साह स्पष्ट नजर आ रहा है। कृषि उपज का बेहतर मूल्य और आर्थिक सहयोग मिलने से बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ी है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार होली की खरीदारी में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब कृषि क्षेत्र मजबूत होता है तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गति आती है। इसका असर त्योहारों की तैयारियों और स्थानीय व्यापार पर भी सकारात्मक रूप से पड़ता है। मुख्यमंत्री का बयान इसी परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में विकास और सामाजिक समरसता दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है। होली का पर्व हमें एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की और आशा व्यक्त की कि यह त्योहार सबके जीवन में नई ऊर्जा और उल्लास लेकर आएगा।




