‘कोशल फैब’ के जरिए छत्तीसगढ़ के कोसा और हैंडलूम उत्पादों को प्रीमियम पहचान मिलेगी, बुनकरों को बाजार और प्रदेश की कला को वैश्विक मंच मिलेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध बुनकर परंपरा और कोसा वस्त्र की पहचान को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ का शुभारंभ किया। इस ब्रांड के माध्यम से राज्य के उत्कृष्ट कोसा और हथकरघा उत्पादों को आधुनिक पहचान और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
‘कोशल फैब’ छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनकरी कला को समकालीन डिजाइन और प्रीमियम ब्रांडिंग से जोड़ने की पहल है। इसका उद्देश्य स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े परिवारों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना तथा उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
छत्तीसगढ़ का कोसा वस्त्र अपनी विशिष्ट गुणवत्ता, प्राकृतिक चमक और पारंपरिक बुनाई के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। लंबे समय से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बुनकर समुदाय कोसा धागे और हथकरघा उत्पादों के जरिए अपनी कला और संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। अब ‘कोशल फैब’ के जरिए इसी विरासत को एक संगठित और प्रीमियम ब्रांड के रूप में बाजार में प्रस्तुत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
ब्रांड के लॉन्च से स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग, प्रस्तुति और बाजार पहुंच को नया स्वरूप मिलने की उम्मीद है। आधुनिक उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक कोसा और हैंडलूम उत्पादों को नए डिजाइन और आकर्षक रूप में बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा।
सरकार की इस पहल को ‘लोकल से ग्लोबल’ की सोच से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ के बुनकरों और हस्तशिल्पकारों के लिए नए रोजगार और आय के अवसर पैदा होने की संभावना है। साथ ही प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी।
‘कोशल फैब’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की मिट्टी, संस्कृति और हुनर को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। कोसा की पारंपरिक चमक अब आधुनिक ब्रांडिंग के साथ वैश्विक बाजार में अपनी जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।




