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छत्तीसगढ़

उच्च शिक्षा को आधुनिक, नवाचारी और युवाओं के भविष्य के अनुरूप बनाने ठोस और प्रभावी कार्ययोजनाओं पर करें अमल – उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा

उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शिक्षा को आधुनिक, नवाचारी और युवाओं के भविष्य के अनुरूप बनाने ठोस कार्ययोजनाओं पर अमल जरूरी है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली को समय की मांग और युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप ढालना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों और शिक्षाविदों को निर्देश दिए कि ठोस और प्रभावी कार्ययोजनाओं पर अमल कर उच्च शिक्षा को आधुनिक, नवाचारी और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए।


शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम

मंत्री ने कहा कि आज का समय नवाचार, डिजिटलाइजेशन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का है। ऐसे में छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ नई तकनीकों और स्किल-आधारित शिक्षा से भी जोड़ना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुखी बनाने का माध्यम बने।


प्राथमिकता वाले क्षेत्र

श्री वर्मा ने उच्च शिक्षा में सुधार के लिए कुछ प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही:

  1. पाठ्यक्रम का आधुनिकीकरण – नए जमाने की जरूरतों के अनुसार कोर्स तैयार करना।
  2. डिजिटल शिक्षा – ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म और स्मार्ट क्लासरूम का विस्तार।
  3. अनुसंधान और नवाचार – कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शोध संस्कृति को प्रोत्साहन।
  4. रोजगारोन्मुखी शिक्षा – स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा।
  5. समान अवसर – ग्रामीण और वंचित वर्ग के छात्रों को विशेष सुविधाएं।

युवाओं को नई दिशा देने का संकल्प

मंत्री वर्मा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना नहीं है, बल्कि छात्रों को सृजनशील, जिम्मेदार और समाजोपयोगी नागरिक बनाना है। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और नवाचार की भावना जगाएं।

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डिजिटल और तकनीकी शिक्षा का विस्तार

उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूम, वर्चुअल लैब और ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाएगी। इससे छात्रों को बड़े शहरों और वैश्विक स्तर की शिक्षा तक आसानी से पहुंच मिलेगी।


अनुसंधान और नवाचार पर जोर

मंत्री ने कहा कि राज्य के शैक्षणिक संस्थानों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रहकर अनुसंधान और स्टार्टअप्स के केंद्र बनाना होगा। इसके लिए सरकार जल्द ही विशेष योजनाएं लाने जा रही है।


वंचित वर्ग के लिए विशेष योजनाएं

ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, डिजिटल लर्निंग पैकेज और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि शिक्षा में समान अवसर देना ही वास्तविक सामाजिक न्याय है।


विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की भूमिका

मंत्री ने अधिकारियों और संस्थान प्रमुखों को स्पष्ट संदेश दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल भवन और संसाधनों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें ज्ञान, कौशल और नवाचार के केंद्र बनाएं।


रोजगारोन्मुखी शिक्षा का महत्व

उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी केवल नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि स्टार्टअप्स, उद्यमिता और नई तकनीकों के साथ आगे बढ़ना चाहती है। इस दृष्टि से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को इंडस्ट्री-एकेडेमिक पार्टनरशिप बढ़ानी होगी।


भविष्य की दिशा

मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल स्टेट के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। इसके लिए सरकार, शिक्षाविद और समाज सभी को मिलकर काम करना होगा।


निष्कर्ष

उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा की यह पहल राज्य के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। ठोस और प्रभावी कार्ययोजनाओं पर अमल कर छत्तीसगढ़ की शिक्षा प्रणाली को न केवल आधुनिक और नवाचारी बनाया जाएगा, बल्कि इसे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के अनुरूप भी ढाला जाएगा।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.