छत्तीसगढ़ सरकार उपभोक्ता न्याय व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में सक्रिय, डिजिटल शिकायत प्रणाली और जागरूकता अभियानों से त्वरित न्याय व पारदर्शिता पर जोर।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा उपभोक्ता न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं। बदलते बाजार और डिजिटल लेन-देन के दौर में उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शासन द्वारा शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग और जिला फोरम की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने, ई-फाइलिंग और वर्चुअल सुनवाई जैसी सुविधाओं से लोगों को घर बैठे न्याय प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। इससे मामलों के निपटारे की गति भी तेज होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का मानना है कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है जितना न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाना। इसी उद्देश्य से विभिन्न जिलों में जागरूकता अभियान, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों में भी उपभोक्ता अधिकारों से संबंधित जानकारी देने की पहल की जा रही है, ताकि युवाओं में जागरूकता बढ़े।
विशेषज्ञों का कहना है कि ई-कॉमर्स और डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ उपभोक्ता विवादों की प्रकृति भी बदल रही है। ऐसे में तकनीक आधारित न्याय प्रणाली समय की आवश्यकता बन गई है। सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस मॉडल अपनाने से शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तर पर उपभोक्ता फोरम की क्षमता बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। नए पदों की स्वीकृति, प्रशिक्षण कार्यक्रम और संसाधनों की उपलब्धता से न्याय प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
उपभोक्ता संगठनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि मजबूत न्याय व्यवस्था से लोगों का भरोसा बढ़ेगा और बाजार में पारदर्शिता आएगी। उनका मानना है कि यदि उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय मिलता है, तो व्यापारिक गतिविधियों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है।
सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोग भी आसानी से उपभोक्ता न्याय प्रणाली का लाभ उठा सकें। इसके लिए मोबाइल जागरूकता अभियान और स्थानीय स्तर पर सहायता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या सेवा में कमी होने पर शिकायत दर्ज कराने से न हिचकें।
छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने और न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी और सुलभ न्याय प्रणाली से उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा और राज्य में जिम्मेदार व्यापारिक माहौल विकसित होगा।








