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छत्तीसगढ़

गरियाबंद में साइबर फ्रॉड से बचाव की पाठशाला : थाना प्रभारी ओमप्रकाश यादव ने छात्रों को दिए डिजिटल सुरक्षा के गुर, बताया ‘डिजिटल अरेस्ट’ का सच

गरियाबंद। डिजिटल युग में जहां इंटरनेट ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधों ने सुरक्षा को नई चुनौती दी है। इसी संदर्भ में गरियाबंद पुलिस द्वारा स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में “साइबर फ्रॉड जागरूकता कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में थाना प्रभारी टीआई ओमप्रकाश यादव ने विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी से बचाव और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग के गुर सिखाए।

‘डिजिटल अरेस्ट’ का सच बताया

कार्यक्रम की शुरुआत में टीआई यादव ने छात्रों को हाल के “डिजिटल अरेस्ट” ठगी के मामलों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अपराधी खुद को पुलिस अधिकारी, एनआईए एजेंट या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को धमकाते हैं और पैसे वसूलते हैं।
उन्होंने कहा — “ऐसे कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल की जानकारी तुरंत पुलिस या अपने परिजनों को दें।”

बढ़ते ऑनलाइन अपराधों पर चेतावनी

थाना प्रभारी ने बताया कि आजकल बैंक फ्रॉड, एटीएम क्लोनिंग, एआई ऐप्स के जरिए धोखाधड़ी, फेक वीडियो कॉल, फर्जी सरकारी लिंक, और आधार अपडेट फ्रॉड जैसे मामलों में तेजी आई है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा — “अपराधी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर आपकी फोटो या आवाज की नकल करके ठगी कर सकते हैं। इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।”

राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर की जानकारी

टीआई यादव ने छात्रों को बताया कि यदि कोई साइबर अपराध का शिकार होता है या संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर ऑनलाइन सहायता प्राप्त की जा सकती है।

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सोशल मीडिया पर सावधानी की सलाह

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा — “सोशल मीडिया पर अनावश्यक रूप से निजी तस्वीरें या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। ये जानकारी अपराधियों के लिए हथियार बन सकती है।”
उन्होंने छात्रों को मजबूत पासवर्ड उपयोग करने, OTP किसी के साथ साझा न करने और फेक प्रोफाइल से सावधान रहने की सलाह दी।

‘तपस्वी जीवन’ और लक्ष्य निर्धारण पर प्रेरणा

सिर्फ डिजिटल सुरक्षा ही नहीं, टीआई यादव ने जीवन के प्रति एक प्रेरक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा —
“विद्यार्थी जीवन तपस्वी जीवन है। अनुशासन, जागरूकता और लक्ष्य निर्धारण ही सफलता की कुंजी हैं। साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।”

विद्यालय परिवार की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य दीपक कुमार बौद्ध, उप-प्राचार्य किशोर कुमार साहू, किरण नंद, महिमा तिर्की, श्रीमती बागेश्वरी कुंजाम सहित सभी शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने साइबर अपराध से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका टीआई यादव ने सरल उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया।

डिजिटल सुरक्षा के प्रति नई सोच

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने साइबर जागरूकता का संकल्प लिया और कहा कि वे अपने परिवार और मित्रों को भी ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में जागरूक करेंगे।
यह पहल गरियाबंद पुलिस की ओर से न केवल एक सूचना कार्यक्रम है, बल्कि यह समाज में डिजिटल जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बन गया है।

इस आयोजन से यह स्पष्ट हुआ कि यदि हर नागरिक सतर्क और जागरूक रहे, तो साइबर अपराधों की रोकथाम पूरी तरह संभव है।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.