LIVE गुरुवार, 14 मई 2026
Advertisement Vastu Guruji
छत्तीसगढ़

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में श्रीमंत शंकर देव शोध पीठ का लोकार्पण, भारतीय संस्कृति और वैष्णव परंपरा को मिलेगा नया मंच

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में श्रीमंत शंकर देव शोध पीठ का लोकार्पण, भारतीय संस्कृति, वैष्णव परंपरा और सामाजिक समरसता पर शोध को बढ़ावा।

रायपुर । रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में भारतीय संस्कृति, भक्ति आंदोलन और सामाजिक समरसता को समर्पित श्रीमंत शंकर देव शोध पीठ का विधिवत लोकार्पण किया गया। यह शोध पीठ असम के महान संत, समाज सुधारक और वैष्णव भक्ति आंदोलन के प्रणेता श्रीमंत शंकर देव के विचारों, साहित्य और सांस्कृतिक योगदान के अध्ययन व शोध के लिए समर्पित होगी।

लोकार्पण कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा जगत, शोधार्थियों, साहित्यकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया।

श्रीमंत शंकर देव के विचारों को मिलेगा अकादमिक आधार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि श्रीमंत शंकर देव ने 15वीं–16वीं शताब्दी में सामाजिक कुरीतियों, जातिगत भेदभाव और धार्मिक आडंबरों के विरुद्ध जन-जागरण किया। उनके द्वारा प्रवर्तित एक शरण नाम धर्म ने समाज को समानता, भक्ति और नैतिकता का मार्ग दिखाया।

शोध पीठ के माध्यम से शंकर देव के साहित्य, नाट्य परंपरा (अंकिया नाट), संगीत (बोरगीत), सामाजिक दर्शन और सांस्कृतिक प्रभावों पर व्यवस्थित शोध को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार, कार्यशालाएं, व्याख्यान श्रृंखलाएं और शोध प्रकाशन भी किए जाएंगे।

विज्ञापन
Advertisement

विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक पहल

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि बताया। अधिकारियों के अनुसार, यह शोध पीठ न केवल पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत के सांस्कृतिक सेतु को मजबूत करेगी, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन को भी नई दिशा देगी।

शोध पीठ के अंतर्गत:

  • पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टोरल शोध को बढ़ावा
  • शंकर देव से संबंधित दुर्लभ ग्रंथों का संकलन
  • डिजिटल आर्काइव और अनुवाद परियोजनाएं
  • युवा शोधार्थियों के लिए फेलोशिप योजनाएं

जैसी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

वक्ताओं ने यह भी कहा कि श्रीमंत शंकर देव शोध पीठ भारत की एकता में विविधता की अवधारणा को मजबूत करती है। असम की वैष्णव परंपरा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के बीच यह पीठ एक वैचारिक पुल का कार्य करेगी।

कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय परिवार ने शोध पीठ की सफलता और दीर्घकालीन प्रभाव के लिए संकल्प व्यक्त किया। शोधार्थियों में इस पहल को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।


Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.