मुख्य सचिव विकासशील ने फीस विनियमन अधिनियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए, ताकि निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक लग सके।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण पर चिंता जताते हुए फीस विनियमन अधिनियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक सेवा है, इसे व्यवसाय का माध्यम नहीं बनने दिया जा सकता।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
अभिभावकों को मिले राहत
उन्होंने कहा कि फीस विनियमन अधिनियम का पालन सुनिश्चित होने से अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। स्कूलों को निर्धारित नियमों के तहत ही फीस तय करनी होगी।
निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्कूलों की फीस संरचना की नियमित जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पारदर्शिता पर जोर
उन्होंने कहा कि फीस निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि अभिभावकों को स्पष्ट जानकारी मिल सके। इसके लिए आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान
मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखते हुए छात्रों के हितों की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को संतुलित और न्यायसंगत बनाना सरकार की प्राथमिकता है।








