मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जीपीएम जिले के समन्वित विकास पर जोर देते हुए आधारभूत सुविधाओं, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार को गति देने की बात कही।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के समन्वित और संतुलित विकास के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आजीविका के क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
समग्र विकास की रूपरेखा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीपीएम जिले में सड़क, बिजली, पेयजल और संचार जैसी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, पशुपालन और वनोपज आधारित आजीविका को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।
पर्यटन और प्राकृतिक संसाधनों पर फोकस
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीपीएम जिला प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता से समृद्ध है। ईको-टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को विकसित कर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
उन्होंने बताया कि जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना को बेहतर बनाने के लिए नए प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर लोगों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीपीएम जिले के आदिवासी क्षेत्रों में विशेष योजनाओं के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक विकास को गति दी जाएगी। कौशल विकास और स्वरोजगार कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर रहेगा।
प्रशासनिक समन्वय से तेज होगा विकास
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए।








