वन मंत्री केदार कश्यप ने दहिकोंगा तेंदूपत्ता फड़ का निरीक्षण कर श्रमिकों से संवाद किया और पारदर्शिता व समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने दहिकोंगा स्थित तेंदूपत्ता फड़ का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण, भुगतान व्यवस्था और श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को समय पर उचित पारिश्रमिक मिलना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े मजदूरों की मेहनत का सम्मान करना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वन मंत्री ने फड़ पर मौजूद श्रमिकों से सीधे संवाद भी किया और उनकी समस्याएं सुनीं। श्रमिकों ने भुगतान, तौल व्यवस्था और अन्य सुविधाओं से संबंधित अपनी बात रखी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान पारदर्शिता बनाए रखी जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने संग्रहण कार्य में लगे श्रमिकों के लिए आवश्यक सुविधाएं जैसे पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
श्री कश्यप ने कहा कि तेंदूपत्ता छत्तीसगढ़ की वन आधारित अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। इसलिए इस कार्य में सुधार और पारदर्शिता लाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस दिशा में विभिन्न योजनाओं और पहल के माध्यम से श्रमिकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
दहिकोंगा फड़ के निरीक्षण के बाद मंत्री ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा श्रमिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।







