केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतों की गिनती आज, 4 मई 2026 को जारी है, जिसमें कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को भारी बढ़त मिल रही है। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार, शाम 5:30 बजे तक कुल 140 सीटों में से 117 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, और इन नतीजों में सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को स्पष्ट पराजय का सामना करना पड़ रहा है। यह चुनाव राज्य की राजनीतिक दिशा को बदलने वाला साबित हो रहा है, जहां LDF पिछले दो कार्यकालों से सत्ता में था।
अब तक के रुझान
केरल में 140 सीटों वाली विधानसभा के लिए हुए चुनाव में मतों की गिनती सुबह से जारी है। ताजा रुझानों और घोषित परिणामों के अनुसार, UDF ने बड़ी संख्या में सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि LDF कई महत्वपूर्ण सीटों पर पिछड़ता नजर आ रहा है। शाम 5:30 बजे तक 117 सीटों के परिणाम घोषित होने के बाद, यह स्पष्ट हो गया है कि UDF बहुमत के आंकड़े, जो कि 71 सीटें हैं, के काफी करीब या उसे पार कर चुका है। यह परिणाम LDF के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि वे राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद कर रहे थे। विभिन्न मतगणना केंद्रों से आ रही रिपोर्टें भी UDF के पक्ष में माहौल की पुष्टि कर रही हैं, जिससे कांग्रेस और उसके सहयोगियों में उत्साह का माहौल है।
प्रमुख दलों की स्थिति और प्रतिक्रिया
इन चुनावी नतीजों में UDF की भारी बढ़त पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आपके विश्वास के लिए धन्यवाद, उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।” यह बयान UDF की जीत के प्रति उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है और मतदाताओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है। वहीं, सत्तारूढ़ LDF खेमे में मायूसी छाई हुई है, क्योंकि उन्हें उम्मीद के विपरीत परिणाम मिल रहे हैं। LDF, जिसने पिछले दो कार्यकालों में राज्य में स्थिर सरकार दी थी, इस बार सत्ता विरोधी लहर और अन्य कारकों का सामना करने में विफल रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), जो केरल में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, के लिए भी यह चुनाव उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया है।
चुनावी पृष्ठभूमि और महत्व
केरल विधानसभा चुनाव 140 सीटों के लिए लड़ा गया था, जिसमें कुल 883 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। बहुमत का आंकड़ा 71 है, जिसे UDF आसानी से पार करता दिख रहा है। वोटों की गिनती राज्य भर के 43 स्थानों पर स्थापित 140 मतगणना केंद्रों में की जा रही है। इस चुनाव को UDF और LDF के बीच सीधी टक्कर के रूप में देखा जा रहा था, क्योंकि दोनों ही मोर्चे राज्य की राजनीति में दशकों से प्रमुख शक्ति रहे हैं। LDF ने पिछले दो कार्यकालों से राज्य में शासन किया था, जिससे इस चुनाव में उनके लिए सत्ता विरोधी लहर का सामना करना एक बड़ी चुनौती बन गई थी। मतदाताओं ने स्पष्ट रूप से बदलाव के लिए मतदान किया है, जिससे राज्य की राजनीतिक दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है।
आगे क्या
जैसे-जैसे शाम ढल रही है, बाकी बची सीटों के परिणाम भी जल्द ही घोषित होने की उम्मीद है। भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया है कि सभी 140 सीटों के अंतिम और फाइनल आंकड़े देर रात तक जारी कर दिए जाएंगे। इन अंतिम आंकड़ों के बाद ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। UDF अब अपनी जीत का जश्न मनाने और सरकार बनाने की तैयारियों में जुटेगा, जबकि LDF अपनी हार के कारणों की समीक्षा करेगा। प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया और UDF की बढ़त के साथ, केरल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।









