रायपुर। निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का सहज और आत्मीय रूप देखने को मिला, जब उन्होंने श्रमिकों के न्यौते को स्वीकार करते हुए उनके साथ बैठकर पारंपरिक भोजन ‘बोरे बासी’ और आमा चटनी का स्वाद लिया।
मुख्यमंत्री निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, जहां उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान वहां कार्यरत श्रमिकों ने उन्हें भोजन के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस आमंत्रण को सहजता से स्वीकार किया और श्रमिकों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया।
यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए विशेष रहा, जहां मुख्यमंत्री और श्रमिकों के बीच आत्मीय संवाद भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से उनके कार्य, मजदूरी और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और उनकी समस्याएं भी सुनीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक देश और राज्य के निर्माण की मजबूत नींव होते हैं और उनके परिश्रम से ही विकास कार्य संभव हो पाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों की सुविधाओं और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
श्रमिकों ने मुख्यमंत्री के इस व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि उनके साथ बैठकर भोजन करना उनके लिए गर्व का विषय है। इससे उन्हें सम्मान और अपनत्व का एहसास हुआ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी जोर देते हुए कहा कि पंचायत भवन जैसे सार्वजनिक ढांचे में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और कार्य समयसीमा में पूरा किया जाए।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री के इस सरल और सहज व्यवहार की प्रशंसा की और कहा कि इससे सरकार और जनता के बीच विश्वास और मजबूत होता है।
यह घटना सुशासन और जनसंपर्क की एक मिसाल बनकर सामने आई है, जो दर्शाती है कि नेतृत्व का वास्तविक अर्थ लोगों से जुड़ाव और उनकी भावनाओं को समझना है।








