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छत्तीसगढ़

रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन: जनजातीय प्रतिभाओं के लिए ऐतिहासिक और यादगार मंच – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय युवाओं के लिए ऐतिहासिक मंच बताया, जिससे प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जनजातीय युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस आयोजन को जनजातीय समाज की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। उनका कहना है कि यह प्रतियोगिता न केवल खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी, बल्कि जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय खिलाड़ी इस आयोजन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रतियोगिता उन युवाओं के लिए एक ऐसा मंच है, जहां वे अपनी खेल क्षमता को देश के सामने प्रदर्शित कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस आयोजन से कई नए खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

जनजातीय युवाओं को मिल रहा बड़ा अवसर

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का उद्देश्य देश के दूरदराज और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय युवाओं को खेलों के माध्यम से आगे बढ़ाना है। लंबे समय से इन क्षेत्रों में प्रतिभा तो मौजूद थी, लेकिन उचित मंच और संसाधनों की कमी के कारण वे राष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच पाते थे।

इस आयोजन के माध्यम से सरकार ने जनजातीय युवाओं को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया है, जहां वे अपनी खेल प्रतिभा को पहचान दिला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें अवसर और उचित प्रशिक्षण देने की है।

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खेल और संस्कृति का संगम

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह जनजातीय संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को भी प्रदर्शित करने का अवसर है। प्रतियोगिता के दौरान पारंपरिक खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों को एक-दूसरे की संस्कृति को समझने का मौका मिल रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज की पहचान उनकी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से इन परंपराओं को संरक्षित और प्रोत्साहित किया जा सकता है।

खिलाड़ियों को मिल रहा प्रोत्साहन

राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराएं।

उन्होंने बताया कि खेलो इंडिया अभियान के तहत देशभर में खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को भी खेलों में करियर बनाने का अवसर मिल रहा है।

युवाओं में बढ़ रहा खेलों के प्रति उत्साह

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन से युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह और जागरूकता भी बढ़ी है। बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं का विकास होता है, बल्कि युवाओं को स्वास्थ्य और अनुशासन के प्रति भी प्रेरणा मिलती है।

राज्य के विकास में खेलों की भूमिका

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खेल किसी भी राज्य और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना सिखाते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार खेल अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में नए स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और खेल अकादमियां विकसित की जा रही हैं, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके।

राष्ट्रीय स्तर पर पहचान का अवसर

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों से जनजातीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यहां प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जनजातीय क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को और मजबूत किया जाए, तो वहां से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकल सकते हैं, जो देश का नाम रोशन करेंगे।

भविष्य के लिए नई उम्मीद

इस आयोजन ने जनजातीय युवाओं के बीच एक नई उम्मीद जगाई है। अब वे यह महसूस कर रहे हैं कि उनकी प्रतिभा को भी राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिल सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करती रहेगी। उनका उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के हर युवा को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले और राज्य खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही अवसर और मंच मिले, तो देश के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों से भी असाधारण खेल प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के लिए यादगार अनुभव बनेगा, बल्कि जनजातीय समाज के लिए गर्व का विषय भी रहेगा।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.