LIVE गुरुवार, 14 मई 2026
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छत्तीसगढ़

बंद कोयला खदान में बड़ा हादसा: अवैध उत्खनन के दौरान सुरंग धंसने से युवक की मौत

सूरजपुर में बंद कोयला खदान में अवैध उत्खनन के दौरान सुरंग धंसने से युवक की मौत, 24 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव बरामद।

सूरजपुर । छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बंद पड़ी दुग्गा ओसीएम (SECL भटगांव) खदान में सोमवार को अवैध कोयला उत्खनन के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। सुरंग धंसने से एक युवक दबकर फंस गया, और करीब 24 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मंगलवार को उसका शव बरामद किया गया। यह हादसा भटगांव थाना क्षेत्र में हुआ।

घटना का विवरण

  • जानकारी के अनुसार, युवक अवैध तरीके से बंद खदान में कोयला निकालने के प्रयास में था।
  • अचानक सुरंग का ढांचा ढह गया, जिससे युवक अंदर फंस गया।
  • आसपास के लोग और खदान के अन्य श्रमिक तुरंत उसकी मदद के लिए प्रयास करने लगे, लेकिन सुरंग की स्थिति खतरनाक थी।

रेस्क्यू ऑपरेशन

  • घटना के बाद आपदा प्रबंधन टीम, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
  • रेस्क्यू अभियान लगभग 24 घंटे तक जारी रहा।
  • खदान की जटिल संरचना और सुरक्षा मानकों के अभाव के कारण ऑपरेशन कठिनाई और जोखिम भरा रहा।
  • मंगलवार दोपहर को युवक का शव बाहर निकाला गया, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

  • भटगांव थाना और जिला प्रशासन ने कहा कि यह हादसा अवैध उत्खनन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुआ।
  • पुलिस ने बताया कि खदान में गैरकानूनी गतिविधियों पर निगरानी और कार्रवाई की जाएगी।
  • प्रशासन ने मृतक के परिजनों को मुआवजे और मदद का आश्वासन दिया।

अवैध उत्खनन का खतरा

  • बंद खदानों में अवैध उत्खनन अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनता है।
  • सुरक्षित उपकरण और संरचनात्मक निगरानी के बिना सुरंगों में काम करना जीवन के लिए अत्यधिक जोखिम है।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले स्थानीय प्रशासन और खनन कंपनियों की सतत निगरानी की आवश्यकता को दर्शाते हैं।

सामाजिक और आर्थिक पहलू

  • अवैध खनन में अक्सर युवा श्रमिक शामिल होते हैं, जिन्हें आर्थिक कठिनाइयों या रोजगार की कमी के कारण यह काम करना पड़ता है।
  • ऐसे मामलों से परिवारों पर आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ता है।
  • स्थानीय समुदाय और प्रशासन को मिलकर सुरक्षा जागरूकता और वैकल्पिक रोजगार पर ध्यान देना जरूरी है।

भविष्य के लिए कदम

  • जिला प्रशासन ने सभी बंद खदानों में सुरक्षा चेक और अवैध उत्खनन रोकने की दिशा में अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
  • पुलिस और SECL अधिकारियों ने कहा कि खदानों की निगरानी बढ़ाई जाएगी, और गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
  • स्थानीय ग्रामीणों और श्रमिकों को सुरक्षा प्रशिक्षण और वैकल्पिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

निष्कर्ष

सूरजपुर जिले में बंद खदान में हुए इस हादसे ने अवैध उत्खनन के खतरों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गंभीरता को उजागर किया। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई और भविष्य के लिए सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का वादा किया है। यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि बंद खदानों में अवैध गतिविधियों से जीवन और संपत्ति पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.