दुर्ग के रहटादाह उपकेंद्र में 10 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया। 9 गांवों के 5 हजार उपभोक्ताओं को अब मिलेगी सुचारु और गुणवत्तापूर्ण बिजली।
दुर्ग । दुर्ग जिले के ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए बिजली आपूर्ति की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रहटादाह उपकेंद्र में अब 10 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। इस बदलाव से 9 गांवों के लगभग 5 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति और अधिक सुचारु एवं बेहतर मिल सकेगी।
बढ़ती मांग और समाधान
पिछले कुछ वर्षों में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे उद्योग, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कृषि कार्यों के लिए भी बिजली की आवश्यकता में इजाफा हुआ। रहटादाह उपकेंद्र पर पहले से स्थापित ट्रांसफार्मर क्षमता सीमित थी, जिसके चलते उपभोक्ताओं को वोल्टेज की समस्या और बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ता था।
10 एमवीए क्षमता से मिलेगा लाभ
नए 10 एमवीए की क्षमता वाला ट्रांसफार्मर इन सभी समस्याओं का समाधान साबित होगा। इस क्षमता वृद्धि से बिजली लोड को संतुलित करने में आसानी होगी और उपभोक्ताओं को स्थायी और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।
किन गांवों को होगा फायदा
इस बदलाव से रहटादाह उपकेंद्र से जुड़े 9 गांवों को सीधा फायदा होगा। इनमें घरेलू उपभोक्ताओं के साथ किसान और छोटे व्यवसायी भी शामिल हैं। कृषि कार्यों के लिए अब ट्यूबवेल और पंपिंग सेट निर्बाध रूप से चल सकेंगे, जिससे सिंचाई की समस्या दूर होगी।
उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया
स्थानीय उपभोक्ताओं ने इसे बड़ी राहत बताया है। गांववासियों का कहना है कि पहले वोल्टेज की समस्या के कारण पंखे, फ्रिज और पंप सही ढंग से नहीं चल पाते थे। अब उम्मीद है कि गर्मी के मौसम में भी बिना रुकावट बिजली मिलेगी।
उद्योगों और कारोबार को मजबूती
दुर्ग-भिलाई क्षेत्र छोटे उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। बिजली की निर्बाध आपूर्ति से यहां के उद्योगों को उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। व्यापारी वर्ग का कहना है कि अब बिजली कटौती से होने वाले नुकसान में कमी आएगी।
ऊर्जा विभाग की प्राथमिकता
ऊर्जा विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। दुर्ग-भिलाई समेत पूरे प्रदेश में उपकेंद्रों को आधुनिक बनाया जा रहा है। रहटादाह उपकेंद्र में क्षमता वृद्धि इसी अभियान का हिस्सा है।
भविष्य की योजनाएँ
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में अन्य उपकेंद्रों पर भी क्षमता वृद्धि और आधुनिकीकरण के कार्य किए जाएंगे। लक्ष्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हर उपभोक्ता को बिना रुकावट बिजली मिले।
निष्कर्ष (भाव)
रहटादाह उपकेंद्र का यह बदलाव दुर्ग जिले के हजारों उपभोक्ताओं के जीवन में ऊर्जा का नया उजाला लेकर आया है। इससे बिजली व्यवस्था और उपभोक्ताओं का विश्वास दोनों मजबूत होंगे।








