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छत्तीसगढ़

महतारी वंदन योजना बनी कैलाशो बाई के जीवन की मुस्कान — मुख्यमंत्री की योजना ने दी नई आशा और आत्मनिर्भरता का संबल

महतारी वंदन योजना से कवर्धा की कैलाशो बाई को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा। हर माह मिलने वाली सहायता राशि से परिवार और जीवन में लौटी मुस्कान।

रायपुर। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “महतारी वंदन योजना” अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और आत्मसम्मान की नई किरण बन चुकी है।
इसी योजना ने कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड के ग्राम खैरझिटी की कैलाशो बाई साहू के जीवन में भी खुशियों की नई रोशनी भर दी है।

कभी परिवार की आर्थिक तंगी से जूझने वाली कैलाशो बाई आज इस योजना से मिलने वाली हर माह ₹1000 की सहायता राशि से न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने परिवार की जरूरतें भी पूरी कर पा रही हैं।


🌺 कैलाशो बाई की कहानी — संघर्ष से सम्मान तक का सफर

ग्राम खैरझिटी की 52 वर्षीय कैलाशो बाई साहू पहले दूसरों के खेतों में मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का गुजारा करती थीं।
तीन बच्चों की जिम्मेदारी और घर की बढ़ती जरूरतों के बीच उन्हें अक्सर यह चिंता सताती थी कि बुढ़ापे में जीवन कैसे चलेगा।

लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से शुरू की गई “महतारी वंदन योजना” ने उनका जीवन बदल दिया।
अब कैलाशो बाई को हर माह सीधे उनके बैंक खाते में ₹1000 की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है।

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वे बताती हैं —

“पहले कभी सोचा नहीं था कि सरकार हमारी जैसी ग्रामीण महिलाओं का भी ख्याल रखेगी। अब यह राशि मेरे लिए सहारा बन गई है।”


💰 योजना से मिली आर्थिक स्वतंत्रता

कैलाशो बाई इस राशि से घर की रोजमर्रा की जरूरतें जैसे राशन, बच्चों की पढ़ाई और बिजली बिल आसानी से चुका पा रही हैं।
इसके अलावा वे इस पैसे का कुछ हिस्सा महिला स्व-सहायता समूह की बचत योजना में भी जमा करती हैं, जिससे भविष्य में छोटे व्यवसाय की योजना बना रही हैं।

उन्होंने बताया —

“पहले किसी पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब मेरे अपने बैंक खाते में पैसे आते हैं। अब आत्मनिर्भर महसूस करती हूं।”


🌸 महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

महतारी वंदन योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहयोग देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।
इस योजना के तहत राज्य की 18 वर्ष से अधिक आयु की लाखों महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने इस योजना को महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और भावनात्मक सशक्तिकरण का “आर्थिक सुरक्षा कवच” बताया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्यभर में 60 लाख से अधिक महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है।


🏦 पारदर्शी व्यवस्था और सीधी बैंक हस्तांतरण प्रणाली

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता है कि लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।
इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहती है बल्कि किसी भी प्रकार की बिचौलिया व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो गई है।

कवर्धा जिले के जिला पंचायत सीईओ ने बताया —

“योजना के तहत महिलाओं की पूरी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जाती है। राशि सीधे खाते में जाती है, जिससे किसी प्रकार की त्रुटि या विलंब नहीं होता।”


👩‍🌾 गांव की अन्य महिलाएं भी हुईं प्रेरित

कैलाशो बाई की सफलता ने गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है।
अब गांव की कई महिलाएं इस राशि से बकरी पालन, सब्जी उत्पादन और हस्तशिल्प कार्य शुरू कर रही हैं।
महिला समूहों ने बताया कि इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरी है।

महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य रीता बघेल ने कहा —

“पहले हम सोचते थे कि केवल शहरों में रहने वाली महिलाएं आत्मनिर्भर हो सकती हैं, लेकिन अब हमें भी आत्मविश्वास मिला है कि हम भी कुछ कर सकते हैं।”


🌿 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश — ‘मातृशक्ति राष्ट्र की रीढ़ है’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देने के लिए महतारी वंदन योजना को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा —

“मातृशक्ति राष्ट्र की आत्मा है। जब महिला सशक्त होती है, तो परिवार, समाज और राज्य सभी सशक्त होते हैं।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में इस योजना के साथ महिलाओं के कौशल विकास प्रशिक्षण और स्वरोजगार सहायता कार्यक्रमों को जोड़ा जाएगा ताकि वे केवल सहायता प्राप्तकर्ता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उद्यमी बनें।


🏡 गांव में दिख रहा योजना का असर

खैरझिटी और आसपास के गांवों में अब यह योजना सामाजिक बदलाव का प्रतीक बन चुकी है।
गांव की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और घरेलू निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ी है।
जहां पहले महिलाएं आर्थिक फैसलों में पीछे रहती थीं, अब वे परिवार की वित्तीय योजना में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

ग्राम पंचायत सचिव संजय वर्मा ने बताया —

“महतारी वंदन योजना ने ग्रामीण परिवारों में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास का वातावरण बनाया है। महिलाएं अब अपनी जिम्मेदारियों को नई दृष्टि से निभा रही हैं।”


🪶 सामाजिक परिवर्तन की दिशा में क्रांतिकारी कदम

छत्तीसगढ़ सरकार के अनुसार, इस योजना के माध्यम से महिलाओं में आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता, स्वाभिमान की भावना और सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिल रहा है।
ग्रामीण इलाकों में महिलाएं अब स्वयं सहायता समूहों में अधिक सक्रिय हो रही हैं और छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं।

कैलाशो बाई जैसी हजारों महिलाएं आज यह साबित कर रही हैं कि सरकारी योजनाएँ जब समानता और संवेदनशीलता के साथ लागू की जाएं, तो वे जीवन बदल सकती हैं।


🌸 भविष्य की राह — सशक्त महिलाओं का छत्तीसगढ़

राज्य सरकार अब योजना के दूसरे चरण में ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘महतारी उद्यमिता केंद्र’ शुरू करने की तैयारी में है।
यह केंद्र महिलाओं को प्रशिक्षण, मार्केटिंग सपोर्ट और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा ताकि वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।

योजना के तहत यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्रामीण महिलाएं स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल साक्षरता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें।


🌷 निष्कर्ष : मुस्कान जो बनी उम्मीद की मिसाल

कैलाशो बाई की मुस्कान आज महतारी वंदन योजना की सफलता का प्रतीक है।
यह कहानी सिर्फ एक महिला की नहीं, बल्कि उन लाखों महिलाओं की है जिनके जीवन में यह योजना आत्मनिर्भरता और सम्मान का आधार बन रही है।
कैलाशो बाई कहती हैं —

“अब मुझे लगता है कि मैं भी कुछ कर सकती हूं। यह योजना मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशी है।”



Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.