मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मकर संक्रांति को भारतीय संस्कृति, एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक पर्व है। यह पर्व प्रकृति, परंपरा और मानव जीवन के बीच संतुलन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का संकेत है, जो सकारात्मक ऊर्जा, नई शुरुआत और आशा का संदेश देता है। यह पर्व कृषि प्रधान भारत में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह फसल कटाई के समय मनाया जाता है और किसानों के परिश्रम तथा समर्पण का उत्सव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति पूरे देश में विभिन्न नामों और परंपराओं के साथ मनाई जाती है। कहीं यह पोंगल, कहीं बिहू तो कहीं उत्तरायण के रूप में मनाई जाती है, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ में भी यह पर्व पारंपरिक उत्साह और सामाजिक सहभागिता के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर तिल, गुड़ और खिचड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजन आपसी सौहार्द और स्वास्थ्य के प्रतीक हैं। पतंग उड़ाने की परंपरा बच्चों और युवाओं में उल्लास और सामूहिक आनंद का भाव उत्पन्न करती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे पर्व समाज को जोड़ने, आपसी प्रेम बढ़ाने और सकारात्मक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। मकर संक्रांति हमें प्रकृति के प्रति सम्मान, परिश्रम के महत्व और सामूहिकता की भावना का संदेश देती है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस पर्व को आपसी भाईचारे, शांति और सद्भाव के साथ मनाएं तथा जरूरतमंदों की सहायता कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं। मुख्यमंत्री ने कामना की कि यह पर्व प्रदेश में सुख-समृद्धि, खुशहाली और विकास का नया संकल्प लेकर आए।








