मुख्य सचिव विकासशील ने निर्देश दिए कि राज्य में कोई भी पात्र नागरिक आधार कार्ड से वंचित न रहे, इसके लिए विशेष शिविर लगाकर पंजीकरण और अपडेट सुनिश्चित किया जाए।
रायपुर। राज्य के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आधार कार्ड से वंचित कोई भी पात्र नागरिक न रहे। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड आज सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाओं का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुका है, इसलिए इसे सभी नागरिकों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्य सचिव श्री विकासशील राजधानी रायपुर में आयोजित एक समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में आधार पंजीकरण और अद्यतन की स्थिति की समीक्षा करना और शेष बचे नागरिकों तक आधार सुविधा पहुंचाने की रणनीति तय करना था।
मुख्य सचिव ने कहा कि दूरस्थ, ग्रामीण और शहरी गरीब क्षेत्रों में अब भी कुछ नागरिक ऐसे हैं, जिनका आधार कार्ड नहीं बन पाया है या जिनकी जानकारी अद्यतन नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष शिविर लगाकर बच्चों, वृद्धजनों, दिव्यांगों और श्रमिक वर्ग को प्राथमिकता के आधार पर आधार कार्ड उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और नगरीय क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर आधार पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएं। इससे आम नागरिकों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही सुविधा मिल सकेगी।
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आधार कार्ड के अद्यतन कार्य पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नाम, जन्मतिथि, पता और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियों का समय-समय पर अपडेट होना जरूरी है, ताकि नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि आधार कार्ड के माध्यम से पेंशन, राशन, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य बीमा और अन्य कई योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में आधार से वंचित नागरिक योजनाओं के लाभ से भी वंचित रह जाते हैं।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि आधार पंजीकरण और अपडेट प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखी जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों, विशेषकर वृद्ध और दिव्यांग व्यक्तियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे आधार पंजीकरण कार्य की नियमित समीक्षा करें और प्रगति रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजें। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने कहा कि आधार कार्ड केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इसे सभी तक पहुंचाकर ही सुशासन और समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।








