रविवार तड़के पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में एक चार मंजिला आवासीय इमारत में लगी भीषण आग में नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिसमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में एयर कंडीशनर (AC) में हुए विस्फोट को आग लगने का संभावित कारण बताया जा रहा है। यह हृदयविदारक घटना विवेक फेज-1 में हुई, जहां आग की लपटों ने एक ही परिवार के कई सदस्यों को लील लिया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
आग की भयावहता और बचाव कार्य
दिल्ली अग्निशमन सेवा को रविवार सुबह 3:48 बजे विवेक विहार स्थित इमारत में आग लगने की सूचना मिली। आग इतनी भीषण थी कि यह इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर स्थित छह फ्लैटों में घरेलू सामान तक तेजी से फैल गई। अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। डिवीजन अधिकारी एम. वर्मा ने बताया कि आग पर सुबह 6:25 बजे तक काबू पा लिया गया था, और सुबह 8 बजे तक इसे पूरी तरह से बुझा दिया गया। इस दौरान दमकल कर्मियों ने 10 से 15 लोगों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, इस भयावह त्रासदी में नौ लोगों की जान चली गई, जिनके शव विभिन्न मंजिलों से बरामद किए गए और दिल्ली पुलिस की अपराध टीम को सौंप दिए गए। आग बुझाने के दौरान दो लोग मामूली रूप से घायल भी हुए, जिन्हें तत्काल गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। आग बुझाने और लोगों को बचाने के लिए दमकल कर्मियों ने घंटों कड़ी मशक्कत की, जिससे एक बड़ी त्रासदी को और बढ़ने से रोका जा सका।
मृतकों की पहचान और परिवार पर कहर
इस भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले सभी नौ व्यक्ति एक ही परिवार के सदस्य थे। मृतकों की पहचान अरविंद जैन (60), अनीता जैन (58), निशांत जैन (35), अंचल जैन (33), आकाश जैन (डेढ़ साल का बच्चा), शिखा जैन (45), नितिन जैन (50), शैले जैन (48) और सैम्यंक जैन (25) के रूप में हुई है। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया है और इलाके में मातम पसर गया है। एक ही परिवार के इतने सारे सदस्यों का एक साथ इस तरह से काल का ग्रास बन जाना, दिल्ली में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है। इस घटना ने परिवारों के लिए अग्नि सुरक्षा के महत्व और आपातकालीन निकासी योजनाओं की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आग लगने का संभावित कारण और जांच
पुलिस और अग्निशमन विभाग की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण एक एयर कंडीशनर (AC) में हुआ विस्फोट हो सकता है। यह विस्फोट इमारत के एक फ्लैट में हुआ और उसके बाद आग तेजी से फैल गई। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। गर्मी के मौसम में AC और अन्य बिजली के उपकरणों के ओवरहीटिंग या शॉर्ट-सर्किट के कारण आग लगने की घटनाएं आम हो जाती हैं, लेकिन इस बार इसका परिणाम बहुत घातक रहा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा मानदंडों का पालन किया गया था और क्या आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण मौजूद थे। विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने के सही और पुख्ता कारणों का पता चल पाएगा।
दिल्ली में आग की घटनाओं का बढ़ता ग्राफ
दिल्ली में, खासकर गर्मी के महीनों में, आग लगने की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ जाती हैं। अक्सर पुरानी वायरिंग, बिजली के उपकरणों का अत्यधिक उपयोग, रखरखाव की कमी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी इन घटनाओं का कारण बनती है। यह घटना एक बार फिर आवासीय इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने की आवश्यकता पर जोर देती है। स्थानीय अधिकारियों और निवासियों दोनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि अग्नि सुरक्षा उपकरण चालू स्थिति में हों, आपातकालीन निकास मार्ग स्पष्ट हों और बिजली के उपकरणों का सुरक्षित रूप से उपयोग किया जाए। विवेक विहार की यह घटना एक दुखद अनुस्मारक है कि छोटी सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।









