LIVE गुरुवार, 14 मई 2026
Advertisement Vastu Guruji
छत्तीसगढ़

महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री ने ली विभागीय समीक्षा बैठक, जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

बलरामपुर में महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री ने समीक्षा बैठक ली। योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग पर जोर, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बलरामपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री ने सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जिले के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे। साथ ही, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।


योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

बैठक में मंत्री ने कहा कि महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण से जुड़ी योजनाएं सीधे समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं और बच्चों की जिंदगी से जुड़ी हैं। यदि ये योजनाएं पूरी प्रभावशीलता से लागू हों तो ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी योजना का लाभ कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए।


आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की समीक्षा

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने निर्देश दिए कि केंद्रों में पोषण आहार की उपलब्धता, बच्चों की उपस्थिति और नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही, गर्भवती और धात्री माताओं तक पोषण किट समय पर पहुंचाने की भी सख्त हिदायत दी गई।


समाज कल्याण योजनाओं पर नजर

समाज कल्याण विभाग की योजनाओं जैसे वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन और विधवा पेंशन की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं में किसी भी पात्र हितग्राही को वंचित नहीं रहना चाहिए। पेंशन वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत करने पर बल दिया गया।

विज्ञापन
Advertisement


मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय

मंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल कागजी आंकड़ों पर नहीं बल्कि जमीनी परिणामों से तय होगी। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और समस्याओं का तुरंत समाधान निकालने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई तय होगी।


महिलाओं और बच्चों के हित पर विशेष फोकस

मंत्री ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों (SHG) को और मजबूत किया जाए। महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई।


अधिकारियों को निर्देश

  • सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाए।
  • पोषण आहार और राशन वितरण में किसी तरह की अनियमितता न हो।
  • पेंशन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे।
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म से योजनाओं की मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग की जाए।
  • शिकायत निवारण की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया जाए।

ग्रामीण इलाकों पर विशेष ध्यान

बैठक में ग्रामीण इलाकों में योजनाओं के क्रियान्वयन की चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि जहां सड़क, बिजली और नेटवर्क की दिक्कत है, वहां योजनाओं को पहुंचाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाए।


निष्कर्ष

बलरामपुर में हुई इस समीक्षा बैठक ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग की योजनाओं को लेकर गंभीर है। मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों से यह साफ है कि आने वाले समय में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। इससे न केवल महिलाओं और बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग भी मुख्यधारा में जुड़ सकेंगे।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.