मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने GPM जिले में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर योजनाओं की प्रगति, मनरेगा भुगतान, जल आपूर्ति, स्वच्छता और ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी के निर्देश दिए।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। राज्य की पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मंगलवार को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले में विभागीय कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तेज और पारदर्शी कार्यवाही के निर्देश दिए। मंत्री ने जिले में चल रही प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याण कार्यक्रमों की प्रगति का मूल्यांकन कर जमीन स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
समीक्षा बैठक में पंचायत विभाग, ग्रामीण विकास, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और महिला समूहों से संबंधित कार्यों की विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलता है, जब सामाजिक भागीदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने मनरेगा कार्यों की प्रगति पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि श्रमिकों को समय पर मजदूरी का भुगतान अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव में भुगतान में देरी की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नलजल योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि पाइपलाइन और जलापूर्ति कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता न हो।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने अधिकारियों से अपूर्ण आवासों को समयसीमा में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाए और निर्माण सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों की समीक्षा के दौरान मंत्री राजवाड़े ने कहा कि महिला समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें सरकारी योजनाओं से अधिक जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समूहों को प्रशिक्षण, ऋण सुविधा और बाज़ार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालय निर्माण और गांवों में स्वच्छता समितियों की सक्रियता पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि स्वच्छता एक सतत प्रक्रिया है और इसमें ग्राम पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
समीक्षा बैठक के बाद मंत्री ने कई ग्राम पंचायतों का दौरा भी किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क मरम्मत और कृषि सहायता से जुड़े मुद्दे उठाए। मंत्री राजवाड़े ने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।
दौरे के दौरान मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्रों और गांवों में निर्माणाधीन विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े कार्यक्रमों की निगरानी नियमित होनी चाहिए, ताकि बच्चों और महिलाओं को लाभ मिले।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जिले में अधिकांश योजनाओं के कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर आगे बढ़ रहे हैं और विभाग समन्वय के साथ काम कर रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया और कहा कि सरकार ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देती है।
GPM जिले में मंत्री के दौरे को विकास योजनाओं की गति बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके निर्देशों से उम्मीद है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों में बेहतर सुधार होगा।








