33 दिनों की हड़ताल खत्म, मुख्यमंत्री साय ने निर्णय का स्वागत किया। सरकार और कर्मचारियों में बनी सहमति, स्वास्थ्य सेवाएँ अब और मजबूत होंगी। जनता को राहत मिली।
रायपुर। लंबे समय से चली आ रही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। 18 अगस्त से जारी यह आंदोलन शुक्रवार को समाप्त करने की घोषणा के साथ खत्म हुआ। इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हड़ताल खत्म करना न केवल सरकार बल्कि पूरे प्रदेश की जनता के लिए राहत की बात है। इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में और मजबूती आएगी।
33 दिन बाद हड़ताल का अंत
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल 33 दिनों से जारी थी। अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएँ बाधित थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। अब हड़ताल खत्म होने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाएँ जल्द सामान्य होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री का वक्तव्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा—
- हड़ताल समाप्त करने का निर्णय सराहनीय है।
- इससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नया बल मिलेगा।
- सरकार ने कर्मचारियों की कई मांगों पर गंभीरता से विचार किया है।
- शेष मांगों को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनता की सेवा सर्वोपरि है और सरकार कर्मचारियों के साथ मिलकर एक सुदृढ़ स्वास्थ्य प्रणाली तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कर्मचारियों की मांगें और समाधान
कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान 10 सूत्रीय मांगें रखी थीं। इनमें प्रमुख थीं—
- संविलियन और स्थायीकरण।
- पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना।
- लंबित 27% वेतन वृद्धि।
- ग्रेड पे का निर्धारण।
- सीआर सिस्टम में पारदर्शिता।
- भर्ती में आरक्षण और अनुकंपा नियुक्तियाँ।
- चिकित्सा सुविधाएँ और कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस।
सरकार ने इनमें से 4 मांगों को स्वीकार कर लिया है। 3 मांगों पर समिति का गठन किया गया है, जबकि शेष 3 मांगों पर उच्च स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया गया है।
मंत्री की भूमिका
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कर्मचारियों से संवाद किया, बैठकें कीं और समाधान का रास्ता निकालने की कोशिश की। उनका कहना है कि कर्मचारियों के हित और जनता की सेवा दोनों ही सरकार की प्राथमिकता हैं।
हड़ताल समाप्त होने के लाभ
- अस्पतालों में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएँ पटरी पर लौटेंगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गति तेज होगी।
- जननी सुरक्षा योजना और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम पुनः सक्रिय होंगे।
- मरीजों को नजदीक ही इलाज उपलब्ध होगा, जिससे निजी अस्पतालों पर दबाव घटेगा।
कर्मचारियों का बयान
एनएचएम कर्मचारी संघ ने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन और सकारात्मक संकेतों के बाद हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया है। संघ का मानना है कि यदि मांगों को समय पर पूरा किया गया तो भविष्य में ऐसे हालात नहीं बनेंगे।
जनता को राहत
हड़ताल की वजह से हजारों मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहना पड़ा था। अब जनता को उम्मीद है कि न केवल सेवाएँ पटरी पर लौटेंगी, बल्कि और बेहतर होंगी।
भविष्य की दिशा
सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए कई नई योजनाएँ शुरू की जाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी इसमें शामिल है।
निष्कर्ष
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होना छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी राहत है। सरकार और कर्मचारियों के बीच संवाद और सहयोग से यह संभव हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की सक्रियता से अब स्वास्थ्य सेवाएँ नए जोश और समर्पण के साथ आगे बढ़ेंगी।








