NHM हड़ताल से प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने सरकार ने नया नियुक्ति पत्र जारी किया। कर्मचारियों से ड्यूटी पर लौटने और जनता की सेवा करने की अपील।
रायपुर । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से चली आ रही मांगों और वार्ता के बाद सरकार ने नया नियुक्ति पत्र जारी किया है और कर्मचारियों से जल्द ड्यूटी पर लौटने की अपील की है। इस कदम को सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य करने के प्रयास के रूप में बताया है।
हड़ताल का असर
NHM कर्मचारियों की हड़ताल से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ा।
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में कामकाज बाधित हुआ।
- मरीजों को दवाइयों, टीकाकरण और अन्य सेवाओं में परेशानी झेलनी पड़ी।
- ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ा, क्योंकि वहां NHM कर्मी मुख्य आधार हैं।
सरकार का कदम
सरकार ने हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए नया नियुक्ति पत्र जारी किया है।
- इसमें कर्मचारियों की सेवा शर्तों को स्पष्ट किया गया है।
- कुछ प्रमुख मांगों पर सकारात्मक विचार किया गया है।
- सरकार ने भरोसा दिलाया है कि लंबित मुद्दों पर चर्चा जारी रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि हड़ताल से आम जनता को नुकसान हो रहा है। इसलिए कर्मचारियों से अपेक्षा है कि वे जल्द से जल्द काम पर लौटें।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
NHM कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान कई मुद्दे उठाए थे:
- नियमितीकरण की मांग।
- वेतनमान में सुधार।
- नौकरी की सुरक्षा और सेवा शर्तों में पारदर्शिता।
- भविष्य निधि और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ।
कर्मचारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी।
सरकार की अपील
स्वास्थ्य सचिव ने बयान जारी कर कहा कि सरकार जनता के स्वास्थ्य हित को सर्वोपरि मानती है।
- उन्होंने कर्मचारियों से ड्यूटी पर लौटने की अपील की।
- साथ ही आश्वासन दिया कि सभी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
- उन्होंने कहा कि नई नियुक्ति पत्र व्यवस्था से कर्मचारियों की कई समस्याएं हल होंगी।
विपक्ष का रुख
विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए कहा कि स्थिति पहले ही बिगड़ चुकी है।
- विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज किया।
- यह भी कहा गया कि हड़ताल से हजारों मरीज प्रभावित हुए हैं और सरकार ने देर से कदम उठाया।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
कर्मचारी संगठनों ने कहा है कि वे सरकार के प्रस्ताव का अध्ययन करेंगे।
- कुछ नेताओं का कहना है कि नया नियुक्ति पत्र आशाजनक है, लेकिन सभी मांगें पूरी नहीं हुई हैं।
- वहीं, कई कर्मचारियों ने संकेत दिया कि जनता की तकलीफ को देखते हुए वे जल्द ड्यूटी पर लौट सकते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
- टीकाकरण अभियान प्रभावित हुआ।
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में दिक्कत आई।
- आपातकालीन सेवाओं का बोझ अन्य स्टाफ पर बढ़ा।
- ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में मरीजों को ज्यादा परेशानी हुई।
आगे की राह
अब सवाल है कि क्या NHM कर्मचारी सरकार की अपील मानकर ड्यूटी पर लौटेंगे।
- यदि हड़ताल खत्म होती है तो स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर लौटेंगी।
- अगर कर्मचारियों ने असंतोष जताया तो आंदोलन और लंबा खिंच सकता है।
- सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच वार्ता आने वाले दिनों में निर्णायक साबित होगी।
जनता की उम्मीद
आम लोग चाहते हैं कि विवाद का जल्द समाधान निकले।
- मरीज और उनके परिजन सबसे ज्यादा परेशान हैं।
- जनता का कहना है कि सरकार और कर्मचारी दोनों को बातचीत से हल निकालना चाहिए।








