ओडिशा में आगामी 30 मई से मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) कार्यक्रम की शुरुआत होने जा रही है, जिसके लिए राज्य के सभी जिला निर्वाचन कार्यालयों में विशेष ‘वोटर हेल्पडेस्क’ स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों (कलेक्टर्स) और जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग (PwD) मतदाताओं सहित सभी नागरिकों को मतदाता सूची से संबंधित सेवाएं बिना किसी परेशानी के आसानी से उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता चुनावी प्रक्रिया से वंचित न रहे।
विशेष ‘वोटर हेल्पडेस्क’ की स्थापना और उद्देश्य
राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी जिलों में विशेष ‘वोटर हेल्पडेस्क’ स्थापित किए जाएंगे। राज्य के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुशांत कुमार मिश्रा ने एक पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि इन सभी हेल्पडेस्क को 25 मई तक पूरी तरह से चालू (फंक्शनल) करना होगा और इसकी अनुपालन रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपनी होगी। यह कदम मतदाताओं की सुविधा के लिए उठाया गया है, विशेषकर उन वर्गों के लिए जिन्हें अक्सर चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन हेल्पडेस्क का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रवासी श्रमिक, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग मतदाता आसानी से अपना पंजीकरण करा सकें, अपने विवरण में सुधार कर सकें या सूची में अपना नाम सत्यापित कर सकें।
प्रदान की जाने वाली महत्वपूर्ण सेवाएँ
ये ‘वोटर हेल्पडेस्क’ मतदाताओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से व्यापक सहायता प्रदान करेंगे। इन सेवाओं में प्रमुख रूप से शामिल हैं: नए मतदाताओं का नाम पंजीकरण (नाम जोड़ना), मतदाता विवरण में सुधार या संशोधन, मतदाता सूची से नाम हटाना (विलोपन) और पुराने चुनावी रिकॉर्ड की जांच तथा सत्यापन। यह पहल मतदाताओं को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक चुनावी सेवाओं तक पहुंच प्रदान करके प्रक्रिया को सरल बनाने पर केंद्रित है। प्रशिक्षित कर्मचारी प्रत्येक हेल्पडेस्क पर उपलब्ध रहेंगे, जो मतदाताओं को उनकी स्थानीय भाषा में जानकारी प्रदान करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।
जागरूकता और डिजिटल पहुंच का प्रचार
इन हेल्पडेस्क के माध्यम से, राज्य निर्वाचन विभाग मतदाताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है। इसके लिए, पूरी तरह से प्रशिक्षित कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा, जो स्थानीय भाषा में तैयार की गई जागरूकता सामग्री का वितरण करेंगे। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर ‘1950’ और ‘ECINet’ ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिक से अधिक लोग इन डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठा सकें, जिससे उन्हें घर बैठे भी मतदाता सूची से संबंधित जानकारी और सेवाएं मिल सकें। डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देकर, निर्वाचन आयोग का लक्ष्य चुनावी प्रक्रिया को और अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है।
आगामी कार्ययोजना और अनुपालन
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुशांत कुमार मिश्रा ने सभी जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस विशेष गहन संशोधन कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। हेल्पडेस्क की स्थापना और उनके सुचारु संचालन की रिपोर्ट 25 मई तक मुख्यालय को भेजनी होगी, जो कार्यक्रम की तैयारी की गंभीरता को दर्शाता है। यह कार्ययोजना चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी योग्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना चाहता है, चाहे उनकी भौगोलिक स्थिति या शारीरिक क्षमता कुछ भी हो। इस विशेष संशोधन अभियान के माध्यम से ओडिशा में एक अद्यतन और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।










