बाज़ार
लाइव भाव लोड हो रहे हैं…
छत्तीसगढ़

महिला मोर्चा के सावन महोत्सव में छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अनूठा संगम

हाल ही में सावन माह के पावन अवसर पर, महिला मोर्चा द्वारा आयोजित सावन महोत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध और जीवंत संस्कृति का एक मनमोहक संगम देखने को मिला। रायपुर स्थित रचना भवन सभागार में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं और गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ पारंपरिक छत्तीसगढ़ी नृत्य, गीत और लोक कलाओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना और महिलाओं को एक साझा मंच प्रदान कर सशक्तिकरण की भावना को बल देना था।

महोत्सव का भव्य आयोजन

सावन महोत्सव का उद्घाटन महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती कल्पना वर्मा और स्थानीय विधायक श्री राजेश साहू ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना और मंगलाचरण से हुई, जिसके बाद सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने सावन के पवित्र महीने का स्वागत किया। यह आयोजन हर वर्ष सावन माह में किया जाता है, जिसका उद्देश्य उत्सव के माध्यम से सामाजिक समरसता और महिला भागीदारी को बढ़ाना है। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी लोक कला और पारंपरिक सजावट से सुसज्जित किया गया था, जो राज्य की ग्रामीण जीवनशैली और कलात्मकता का अद्भुत प्रदर्शन कर रहा था। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न हिस्सों से आई महिलाओं ने अपनी रचनात्मकता और उत्साह का प्रदर्शन किया, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। विभिन्न सांस्कृतिक समूहों और कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

छत्तीसगढ़ी संस्कृति की मनमोहक छटा

महोत्सव का मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ी संस्कृति की विविध और रंगीन प्रस्तुतियाँ थीं। कार्यक्रम में पंथी नृत्य, करमा नृत्य और सुआ नृत्य जैसे पारंपरिक नृत्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया। नर्तकियों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसमें लुगरा और पोल्का पहने महिलाएं बेहद खूबसूरत लग रही थीं। इसके साथ ही, लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी गीतों और मुहावरों पर आधारित हास्य नाटिकाओं का भी मंचन किया, जिसने सभी को खूब हँसाया। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का साधन था, बल्कि यह युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और समृद्ध विरासत से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी था। कार्यक्रम स्थल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए थे, जहाँ लोगों ने फरा, चीला, ठेठरी और खुरमी जैसे पारंपरिक पकवानों का स्वाद लिया। इन स्टॉलों पर भी महिलाओं ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जुड़ाव

महिला मोर्चा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में भी काम किया। इस मंच ने महिलाओं को अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। श्रीमती कल्पना वर्मा ने अपने संबोधन में कहा, “यह महोत्सव सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि महिलाओं को एक साथ लाने, उनकी पहचान को मजबूत करने और उन्हें समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने का एक माध्यम है।” आयोजन में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, जिससे उन्हें अपने उत्पादों को बेचने और आर्थिक रूप से सशक्त होने का मौका मिला। इस प्रकार, महोत्सव ने न केवल सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा दिया बल्कि महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से जोड़ने का भी एक सशक्त माध्यम बना। कई महिलाओं ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि ऐसे आयोजनों से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है।

विज्ञापन
Advertisement

उत्साहपूर्ण भागीदारी और भविष्य की योजनाएँ

इस सावन महोत्सव को जनता से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। सैकड़ों की संख्या में महिलाओं, बच्चों और पुरुषों ने कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे आयोजकों का उत्साह दोगुना हो गया। दर्शकों ने प्रस्तुतियों की सराहना की और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति अपने प्रेम का इजहार किया। विधायक श्री राजेश साहू ने अपने समापन भाषण में कहा कि ऐसे आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने महिला मोर्चा के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। आयोजकों ने बताया कि अगले वर्ष इस महोत्सव को और बड़े पैमाने पर आयोजित करने की योजना है, जिसमें राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों से भी कलाकारों और महिलाओं को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि यह वास्तव में पूरे छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर सके। यह महोत्सव वास्तव में छत्तीसगढ़ की आत्मा और उसकी नारी शक्ति का एक जीवंत उत्सव बन गया, जिसने लोक संस्कृति के रंगों से पूरे वातावरण को सराबोर कर दिया।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।

📱 वेब स्टोरीज़

सभी देखें →
छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मना हरेली तिहार, बघेल ने की कृषि यंत्रों की पूजा ▶ STORY छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मना हरेली तिहार, बघेल ने की… पद्मश्री अनूप रंजन को राष्ट्रपति ने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से नवाजा ▶ STORY पद्मश्री अनूप रंजन को राष्ट्रपति ने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार… छत्तीसगढ़-झारखंड को जोड़ेगी नई ट्रेन: जशपुर-गुमला रूट पर बड़ी खबर ▶ STORY छत्तीसगढ़-झारखंड को जोड़ेगी नई ट्रेन: जशपुर-गुमला रूट पर बड़ी खबर बड़े सपने देखें, कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ▶ STORY बड़े सपने देखें, कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें :… Aaj Ka Rashifal 14 August 2026: 12 राशियों का कैसा रहेगा दिन? जानें धन, करियर, प्रेम और सेहत का हाल ▶ STORY Aaj Ka Rashifal 14 August 2026: 12 राशियों का कैसा… मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता ने बचाई जिंदगियां ▶ STORY मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता ने बचाई जिंदगियां स्वतंत्रता दिवस पर रणजीता स्टेडियम के समीप सजी देशभक्ति और इतिहास की झांकी ▶ STORY स्वतंत्रता दिवस पर रणजीता स्टेडियम के समीप सजी देशभक्ति और… शिल्पियों की कला को सम्मान, हुनर को मिला हौसला ▶ STORY शिल्पियों की कला को सम्मान, हुनर को मिला हौसला हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाया जायेगा स्वतंत्रता दिवस ▶ STORY हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाया जायेगा स्वतंत्रता दिवस इंटर्न्स की समस्याओं पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की बैठक, स्टाइपेंड बढ़ाने की माँग पर विचार का आश्वासन ▶ STORY इंटर्न्स की समस्याओं पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की बैठक, स्टाइपेंड… दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई : 27 प्रकरणों की सुनवाई, त्वरित कार्रवाई और विधिक सहायता पर जोर ▶ STORY दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई : 27 प्रकरणों की… विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर राज्य स्तरीय आयोजन 14 अगस्त को ▶ STORY विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर राज्य स्तरीय आयोजन 14 अगस्त…