नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की।
रायपुर। नववर्ष के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कवर्धा जिले स्थित प्राचीन भोरमदेव मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की खुशहाली, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या मौजूद रही, जहां सभी ने नए साल की शुरुआत आध्यात्मिक माहौल में की।
भोरमदेव मंदिर अपनी अनोखी स्थापत्य शैली और आध्यात्मिक महत्व के कारण छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के आगमन से श्रद्धालुओं में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक भी है। उन्होंने मंदिर परिसर के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
पर्यटन विकास को नई ऊर्जा
केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने भी भोरमदेव क्षेत्र के पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और प्रचार-प्रसार से यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक लोकप्रिय हो सकता है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
श्रद्धालुओं में उत्साह
नववर्ष के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए। प्रशासन ने सुरक्षा, व्यवस्था और स्वच्छता के प्रभावी प्रबंध किए थे, जिससे दर्शन सुचारू ढंग से संपन्न हुए।
पूजा-अर्चना कार्यक्रम शांत, सौहार्दपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं।








