रायपुर से 850 भक्त रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या रवाना, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया।
रायपुर। राम-नाम की मधुर धुन और जय श्रीराम के जयघोष के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 850 श्रद्धालुओं का एक विशेष जत्था भगवान रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या के लिए रवाना हुआ। इस पावन अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ कराया।
यह यात्रा राज्य सरकार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल का हिस्सा है। श्रद्धालुओं में वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। सभी भक्त राम भक्ति में लीन होकर भजन-कीर्तन करते हुए उत्साह के साथ अयोध्या के लिए रवाना हुए।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मर्यादा और आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, सेवा और सदाचार का संदेश देता है, जो आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है।
मंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित धार्मिक यात्राओं का अनुभव मिले। इसके तहत यात्रा के दौरान परिवहन, ठहराव और आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि भक्तजन पूरी श्रद्धा और शांति के साथ दर्शन कर सकें।
यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने सरकार की इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि इस प्रकार की योजनाएं उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं, जो आर्थिक या अन्य कारणों से तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते। रामलला के दर्शन का यह अवसर उनके लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम स्थल पर भक्ति और उत्सव का वातावरण देखने को मिला। राम धुन, भजन और धार्मिक नारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने यात्रा से पहले भगवान राम से सुख-समृद्धि और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में भी इसी तरह की धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिल सके।
कुल मिलाकर, रायपुर से अयोध्या के लिए निकली यह यात्रा आस्था, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का सजीव उदाहरण बनकर सामने आई है।








