LIVE गुरुवार, 14 मई 2026
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छत्तीसगढ़

पावर कंपनी को 6 हजार करोड़ का घाटा! 24% टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव, बिजली उपभोक्ताओं पर बढ़ सकता है बोझ

छत्तीसगढ़ पावर कंपनी को 6 हजार करोड़ का घाटा होने पर 24% बिजली टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ बढ़ सकता है।

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही महंगी बिजली का झटका लग सकता है। जानकारी के अनुसार राज्य की पावर कंपनी को लगभग 6 हजार करोड़ रुपये के भारी आर्थिक घाटे का सामना करना पड़ रहा है। इसी वित्तीय दबाव के चलते कंपनी ने बिजली टैरिफ में करीब 24 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है, जिसे नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो घरेलू से लेकर औद्योगिक—सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ना तय माना जा रहा है। इससे मासिक बिजली खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

अधिकारियों के अनुसार, बढ़ती उत्पादन लागत, ईंधन और मेंटेनेंस खर्च, वितरण हानि और अन्य वित्तीय कारणों से कंपनी की स्थिति प्रभावित हुई है। कंपनी का तर्क है कि मौजूदा दरों पर खर्च और राजस्व के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में टैरिफ संशोधन आवश्यक हो गया है ताकि सेवा संचालन प्रभावित न हो।

हालांकि उपभोक्ता संगठनों और बिजली विशेषज्ञों ने इस प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पहले से ही महंगाई का बोझ झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कठिन साबित हो सकती है। छोटे व्यापारी, किसान और मध्यमवर्गीय परिवार विशेष रूप से प्रभावित हो सकते हैं।

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सूत्र बताते हैं कि यदि टैरिफ बढ़ोतरी को मंजूरी मिलती है, तो स्लैब के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में दरों का पुनर्गठन किया जाएगा। औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी नई दरें लागू हो सकती हैं, जिसका असर उत्पादन लागत पर पड़ेगा और अप्रत्यक्ष रूप से सामान्य उपभोक्ताओं तक भी पहुंचेगा।

ऊर्जा विभाग का कहना है कि अंतिम निर्णय नियामक आयोग द्वारा सभी पक्षों की सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा। इस प्रक्रिया में जनसुनवाई भी शामिल होती है, जिसमें उपभोक्ता और हितधारक आपत्तियां और सुझाव दर्ज कर सकते हैं।

वहीं, विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर सरकार और कंपनी से पारदर्शिता की मांग की है। उन्होंने कहा कि घाटे के कारणों की स्पष्ट जांच कर समाधान तलाशा जाना चाहिए, ताकि जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े।

उपभोक्ताओं के बीच इस प्रस्ताव को लेकर अनिश्चितता और चिंता का माहौल देखने को मिल रहा है। अब सभी की निगाहें नियामक आयोग के फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में बिजली दरों के भविष्य का निर्धारण करेगा।


Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.