बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने 4C एयरपोर्ट के लिए मुख्यमंत्री साय से 500 करोड़ की मांग रखी।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि, इसे लेकर अब नई मांग भी सामने आई है। हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C कैटेगरी एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है।
यह मुद्दा अब क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक संभावनाओं और यात्री सुविधाओं से जुड़ी बड़ी बहस का विषय बन गया है।
150 करोड़ से होगा एयरपोर्ट का विस्तार
प्रस्तावित 150 करोड़ रुपये की राशि से—
- रनवे विस्तार
- टर्मिनल भवन का उन्नयन
- नेविगेशन और सुरक्षा सुविधाएं
- यात्री सुविधाओं में सुधार
जैसे कार्य किए जाने हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रावधान से मौजूदा हवाई सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और उड़ानों की संख्या बढ़ सकेगी।
4C एयरपोर्ट की मांग क्यों
हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति का कहना है कि बिलासपुर छत्तीसगढ़ का प्रमुख व्यावसायिक, शैक्षणिक और औद्योगिक केंद्र है।
यहां—
- कोल उद्योग
- बिजली उत्पादन
- रेल ज़ोन
- उच्च शिक्षण संस्थान
जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान स्थित हैं।
ऐसे में समिति का मानना है कि केवल सीमित विस्तार पर्याप्त नहीं है, बल्कि 4C कैटेगरी एयरपोर्ट की जरूरत है, जिससे बड़े विमान भी उतर सकें।
500 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग
समिति ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि—
- रनवे को 4C मानकों के अनुरूप बनाया जाए
- बड़े टर्मिनल और कार्गो सुविधाएं विकसित हों
- अंतरराज्यीय और राष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़े
- भविष्य में अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी की संभावना बने
इन सभी कार्यों के लिए कम से कम 500 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता बताई गई है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का कहना है कि 4C एयरपोर्ट बनने से—
- उद्योगों को बढ़ावा
- निवेश आकर्षण
- रोजगार सृजन
- पर्यटन विकास
जैसे लाभ मिलेंगे।
बिलासपुर और आसपास के जिलों की आर्थिक गतिविधियों को इससे नई गति मिल सकती है।
जनसंघर्ष समिति की दलील
समिति के सदस्यों का कहना है कि यदि बिलासपुर एयरपोर्ट को केवल सीमित विस्तार तक रखा गया, तो भविष्य की जरूरतें पूरी नहीं हो पाएंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों के समान स्तर के शहरों में पहले ही 4C एयरपोर्ट विकसित किए जा चुके हैं।
सरकार का रुख
राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि हवाई कनेक्टिविटी को लेकर केंद्र सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से लगातार चर्चा चल रही है।
प्रस्तावों का तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
जनता और उद्योग जगत की उम्मीदें
स्थानीय उद्योग संगठनों और आम नागरिकों ने एयरपोर्ट विस्तार के फैसले का स्वागत किया है।
हालांकि, कई लोगों का मानना है कि दीर्घकालीन दृष्टि से 4C एयरपोर्ट ही बिलासपुर के विकास के लिए उपयुक्त विकल्प होगा।
हवाई कनेक्टिविटी की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में बिलासपुर एयरपोर्ट से सीमित उड़ानें संचालित होती हैं।
यात्रियों को बड़े शहरों के लिए अक्सर रायपुर या नागपुर जाना पड़ता है।
4C एयरपोर्ट बनने से यह निर्भरता कम हो सकती है।
आने वाले समय की संभावनाएं
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार—
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)
- भूमि और तकनीकी सर्वे
- केंद्र सरकार से समन्वय
जैसे चरणों पर काम किया जा रहा है।
अंतिम विचारात्मक पंक्ति (बिना निष्कर्ष)
बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर उठी यह मांग अब केवल हवाई सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास की बड़ी आवश्यकता बनकर सामने आ रही है।








