छत्तीसगढ़ में रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ 31 अगस्त से प्रसारित होगा। CM साय महिलाओं से सीधे संवाद करेंगे और उनके सुझाव सुनेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और जनसंवाद को बढ़ावा देने के लिए नया रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ शुरू किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 31 अगस्त 2025 से प्रसारित होगा और इसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा उद्घाटित किया जाएगा।
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कार्यक्रम का उद्देश्य
‘दीदी के गोठ’ का मुख्य उद्देश्य है ग्रामीण और शहरी महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक मुद्दों पर संवाद स्थापित करना।
- इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं और सुझावों को सीधे सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
- मुख्यमंत्री सीधा संवाद करेंगे और महिलाओं की राय जानने के लिए प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया जाएगा।
प्रसारण का समय और चैनल
- कार्यक्रम का पहला प्रसारण 31 अगस्त की सुबह किया जाएगा।
- इसे राज्य के सभी FM रेडियो चैनलों पर लाइव सुना जा सकेगा।
- कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें बिहान की दीदियों (सामाजिक और सक्रिय महिला प्रतिनिधियों) से संवाद होगा।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण और जनभागीदारी को बढ़ावा देगी।
- उन्होंने बताया कि ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम के माध्यम से सरकार और जनता के बीच एक मजबूत संवाद स्थापित होगा।
- मुख्यमंत्री ने कहा,
“महिलाओं की आवाज़ सुनना और उनके सुझावों को नीति निर्माण में शामिल करना हमारी प्राथमिकता है। यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक कदम है।”
कार्यक्रम की विशेषताएं
- महिला संवाद केंद्रित – महिलाएं अपने मुद्दों और सुझावों को सीधे साझा कर सकेंगी।
- शिक्षा और स्वास्थ्य – ग्रामीण महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन के बारे में जानकारी।
- किसान और रोजगार – कृषि, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के बारे में मार्गदर्शन।
- सवाल-जवाब सत्र – महिलाओं के उठाए गए मुद्दों पर मुख्यमंत्री और अधिकारियों से चर्चा।
- साप्ताहिक श्रृंखला – प्रारंभिक प्रसारण के बाद यह कार्यक्रम साप्ताहिक आधार पर जारी रहेगा।
महिलाओं के लिए अवसर
- इस पहल से महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगी।
- महिलाओं के मुद्दों पर तुरंत प्रतिक्रिया और समाधान देने में मदद मिलेगी।
- ग्रामीण और शहरी महिलाओं के बीच समान संवाद का प्लेटफार्म तैयार होगा।
विशेषज्ञों की राय
- सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि रेडियो कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचने का सबसे सुलभ माध्यम है।
- विशेषज्ञों ने कहा कि मुख्यमंत्री के सीधे संवाद से महिलाओं में विश्वास और भागीदारी की भावना बढ़ेगी।
- यह कार्यक्रम जनभागीदारी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में मददगार साबित होगा।
कार्यक्रम के माध्यम से संभावित लाभ
- महिला सशक्तिकरण – महिलाओं को अपनी समस्याओं को साझा करने का मंच।
- सूचना का प्रसार – सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी।
- सामाजिक जागरूकता – स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर ध्यान।
- सरकारी नीतियों में सुधार – महिलाओं की राय से नीतियों में सुधार की संभावना।
निष्कर्ष
‘दीदी के गोठ’ छत्तीसगढ़ सरकार की महिला सशक्तिकरण और जनसंवाद पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- यह रेडियो कार्यक्रम न केवल महिलाओं की आवाज़ को मजबूत करेगा, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास और संवाद को भी बढ़ावा देगा।
- 31 अगस्त से प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में सकारात्मक बदलाव और भागीदारी की नई मिसाल साबित होगा।






