रायपुर में गांधी जयंती कार्यक्रम में मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी की स्वच्छता की सोच को हर घर तक पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है।
रायपुर। महात्मा गांधी की जयंती अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रदेश के गृह एवं लोक निर्माण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि गांधीजी का स्वच्छता का संदेश आज भी प्रासंगिक है और इसे हर घर, हर व्यक्ति तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हमेशा स्वच्छता को स्वतंत्रता से जोड़कर देखा। उनका मानना था कि “स्वच्छता ही असली आज़ादी की नींव है” और यदि समाज स्वच्छ होगा तो विकास और स्वास्थ्य अपने आप बेहतर होगा।
गांधीजी के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान
मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज हमें केवल औपचारिक स्वच्छता अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांधीजी की सोच को आत्मसात कर अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने घर, गली, मोहल्ले और गांव को साफ रखने की आदत विकसित नहीं करेंगे, तब तक महात्मा गांधी के सपनों का भारत नहीं बन पाएगा।
स्वच्छता अभियान और सरकार की प्राथमिकताएं
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन, नगरीय निकाय अभियान और ग्राम पंचायत स्तर पर सफाई योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन अभियानों का उद्देश्य केवल सफाई कराना नहीं है, बल्कि लोगों में जनजागरूकता पैदा करना है।
उन्होंने बताया कि स्वच्छता के लिए सरकार द्वारा –
- घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था
- शौचालय निर्माण
- डस्टबिन और कचरा प्रबंधन प्रणाली
- स्कूली बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम
जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं।
नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण
मंत्री वर्मा ने स्पष्ट कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से समाज को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा –
“गांधीजी का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और स्वच्छता को व्यक्तिगत आदत बनाए।”
स्कूल और युवा वर्ग की भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और युवा शामिल हुए। मंत्री वर्मा ने युवाओं से अपील की कि वे गांधीजी के संदेश को सोशल मीडिया, रैली और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए और अधिक लोगों तक पहुँचाएं।
उन्होंने कहा कि यदि युवा आगे बढ़कर स्वच्छता को जीवनशैली बना लेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को एक साफ-सुथरा भारत मिलेगा।
स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियां
मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि स्वच्छता अभियान के रास्ते में कई चुनौतियां हैं –
- ग्रामीण इलाकों में कचरा प्रबंधन की कमी
- खुले में कूड़ा फेंकने की आदत
- शौचालयों का पर्याप्त उपयोग न होना
- जागरूकता की कमी
उन्होंने कहा कि सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतिज्ञा
समारोह के अंत में बच्चों ने गांधीजी के जीवन से जुड़े नाटक और गीत प्रस्तुत किए। इसके साथ ही सभी उपस्थित लोगों ने “स्वच्छता बनाए रखने और दूसरों को प्रेरित करने” की शपथ भी ली।
निष्कर्ष
महात्मा गांधी की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि स्वच्छता केवल एक सरकारी अभियान नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। मंत्री श्री टंकराम वर्मा का संदेश इस दिशा में प्रेरणादायक है कि गांधीजी के स्वच्छता के विचारों को हर घर, हर मोहल्ले और हर दिल तक पहुँचाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।






