मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रथयात्रा आस्था, लोकसंस्कृति, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का महापर्व है, जो समाज को एकजुट करता है।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आस्था, लोकसंस्कृति, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का जीवंत महापर्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व समाज को जोड़ने, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है। इस पर्व में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता यह संदेश देती है कि हमारी सांस्कृतिक परंपराएं समानता, सेवा और समरसता की भावना पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में सहयोग, सद्भाव और जनभागीदारी की भावना को भी मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और धार्मिक आयोजनों के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। राज्य सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और पारंपरिक उत्सवों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे।
उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा लोगों को सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश देते हैं। रथयात्रा का उत्सव सामाजिक एकता और सामूहिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा सामाजिक समरसता बनी रहे।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि रथयात्रा के आयोजन में अनुशासन, स्वच्छता और आपसी सहयोग बनाए रखें तथा इस सांस्कृतिक महापर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाएं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि रथयात्रा सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता को और अधिक मजबूत करेगी।




